फार्मा पार्क में स्थापित होने वाली इकाइयों को अधिकतम पूंजी का 15% या अधिकतम एक करोड़ रुपये तक के पूंजी अनुदान के बारे में भी विचार किया जा सकता है। प्रदेश सरकार पहले तीन साल में स्थापित होने वाली इकाइयों को आयकर की प्रतिपूर्ति पर भी विचार कर रही है।
फार्मा इकाइयों को कौशल विकास के लिए शत-प्रतिशत अनुदान देने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्हें लीज रेंट में भी छूट दी जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल सके।
प्रदेश में स्थापित होगा हर्बल विकास मिशन
गंगा नदी के किनारे हर्बल पौधरोपण की योजना भी बनाई गई है। इस योजना के तहत केंद्र से अधिक से अधिक राशि स्वीकृत कराने के लिए अलग से हर्बल विकास मिशन की स्थापना का फैसला भी किया गया है। इससे गंगा किनारे के ग्रामों में हर्बल प्लांट प्लांटेशन को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।
इस पर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार केंद्र की सहायता से एक मेडिकल उपकरण पार्क और एक फार्मा पार्क स्थापित करने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। इस बारे में मुख्यमंत्री से जरूरी निर्देश भी प्राप्त हुए हैं।