निलंबित एसडीएम दुर्गाशक्ति नागपाल के पक्ष में प्रदेश के आईएएस अफसर लामबंद हो गए हैं।
डेढ़ साल पहले तक बड़े-बड़े मुद्दों पर भी खामोश रहने वाली नौकरशाही नागपाल के बहाने अब सरकार को अपनी ताकत का अहसास कराने की कोशिश में जुटी है।
आईएएस अफसर पूरी तरह से नागपाल के साथ खड़े हैं और उनका निलंबन वापस चाहते हैं। एसोसिएशन को अब कर्नाटक के दौरे पर गए मुख्यमंत्री के लौटने का इंतजार है।
दुर्गा के निलंबन से नाराज आईएएस एसोसिएशन ने सोमवार को मुख्य सचिव आलोक रंजन से मुलाकात की।
मुलाकात में मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया कि मामले के बारे में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि दुर्गा शक्ति नागपाल युवा ऑफिसर हैं। उनके खिलाफ अधिक सख्ती की गई है, मुख्यमंत्री को इस बारे में अवगत कराया जाएगा।
क्या कहा सीएम ने
बंगलूरू में मीडिया से मुखातिब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, 'दुर्गाशक्ति नागपाल के निलंबन को मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। इस पर इतनी चर्चा क्यों हो रही है? यूपी लौटने पर इस मामले को देखूंगा। निलंबन की वजह खनन नहीं बल्कि मस्जिद की दीवार गिरवाना है।'
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गौरतलब है कि खनन माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाकर सुर्खियों में आईं दुर्गा शक्ति नागपाल को अखिलेश सरकार ने शनिवार रात निलंबित कर दिया था।
माना जा रहा है कि खनन माफिया लॉबी के दबाव में यह कार्रवाई की गई है। लेकिन सरकार का कहना है कि उनके खिलाफ यह कार्रवाई एक धार्मिक स्थल की दीवार को गिराने का आदेश देने की वजह से की गई है। निलंबन के बाद नागपाल को राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया है।