डीएम सर्किल रेट प्रस्तावित नई दरें राजधानी में लागू हो जाएंगी। प्रस्तावित सर्किल रेट में आई डेढ़ दर्जन से अधिक आपत्तियों के निस्तारण के बाद गरीबों को आशियाना बनाने में कुछ राहत मिलेगी।
डीएम सर्किल रेट की नई दरों को शासन की संस्तुति मिलने के बाद जिला प्रशासन एक अगस्त से इन्हें लागू करने की तैयारियों में जुट गया है।
प्रशासन ने फिलहाल मुख्य मार्ग से सड़क किनारे संचालित दुकानों के साथ ही बहुमंजिला इमारतों में चौथी से छठी मंजिल पर स्थित फ्लैटों की प्रस्तावित दरों में दस प्रतिशत तक की कमी कर कुछ राहत देने की कोशिश की है।
नई दरों में गरीबों के बिना आरसीसी मकानों की लागत दर में ढाई से तीन हजार रुपया प्रति वर्ग मीटर की कमी के साथ आवासीय कॉम्लेक्सों में खुली पार्किंग पर बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव नकार दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित संशोधित दरों का सबसे ज्यादा असर पॉश कालोनियों में ही दिखेगा। नई दरों में सिर्फ मुख्य सड़क के मार्ग के किनारे स्थित व्यावसायिक दुकानों की कीमतों में ही 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू होगी।
सड़क किनारे होने पर भी मुख्य मार्ग से दूर बनी दुकानों की वर्तमान दरों में 10 फीसदी तक की कमी कर लोगों को कुछ राहत देने की कोशिश की गई है।
सस्ते होंगे चार से छह मंजिला फ्लैट
प्रस्तावित दरों पर सबसे ज्यादा आपत्ति रियल स्टेट से जुड़े डेवलपर्स ने जताई थी। उनका कहना था कि किसी भी तरह के बहुमंजिला भवन में मूल्य का निर्धारण उसके फ्लोर के आधार पर तय किया जाना उचित होगा।
राजस्व विशेषज्ञों ने इसे उचित मानते हुए तीन फ्लोर के बाद स्थित चौथे से छठे फ्लोर तक स्थित फ्लैट की निर्माण दर में वर्तमान दर से 10 फीसदी तक कमी करने का फैसला किया है।
हालांकि छठीं मंजिल से ऊपर निर्मित पेंटहाउस व फ्लैट की निर्माण दरों में वर्तमान से 15 फीसदी तक बढ़ोत्तरी लागू होगी।
इसके साथ ही मल्टी स्टोरी बिल्डिंग व कम्यूनिटी सेंटर में मुहैया कराई जाने वाली लिफ्ट, वाचमैन, सिक्योरिटी गार्ड, स्वीमिंग पूल व शेडेड पार्किंग स्थल की सुविधा पर भी तीन प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी की गई है लेकिन अगर पार्किंग स्थल खुले परिसर में होगा तो इस पर तीन फीसदी की बढ़ी दर लागू नहीं होगी।
सिगमेंट रोड के किनारे की दर में भी कमी
सिगमेंट रोड के किनारे स्थित नगर पंचायत क्षेत्र में आने वाली भू-संपत्तियों व जमीनों की कीमत में प्रस्तावित बढ़ोत्तरी में भी अंतिम तौर से लागू होने वाली दर में कुछ कमी की गयी है।
इसके तहत नगर निगम क्षेत्र में जहां सिगमेंट रोड के किनारे भू-संपत्तियों की कीमत 34 हजार रुपया प्रति वर्ग मीटर रहेगी वहीं नगर पंचायत क्षेत्र की ऐसी जमीन व भू-संपत्ति की दर में कमी करते हुए इसे 30 से 32 हजार रुपया प्रति वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है।
गरीबों की निर्माण लागत दर में कमी
1 अगस्त से लागू नए डीएम सर्किल रेट की दरों से गरीबों को कुछ राहत देने की पूरी कोशिश की गई है। इसके तहत पक्के निर्माण कार्य की लागत दरों को पहले की तरह रखा गया है।
छोटे-छोटे मकान, फाइबर शेड व टिन शेड मकानों की वर्तमान निर्माण लागत दर 8500 रुपया प्रति वर्ग मीटर से घटा कर 5 हजार रुपया प्रति वर्ग मीटर करते हुए कच्चे मकान की निर्माण लागत दर भी 4 हजार से घटा कर 2 हजार रुपया प्रति वर्ग मीटर की गई है।
इतना ही नहीं आरसीसी से निर्मित भवन निर्माण की वर्तमान दर 8500 रुपया प्रति वर्ग मीटर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
... तो चार माह तक मिलेगा पुरानी दर का फायदा
प्रस्तावित डीएम सर्किल रेट की नई दरों के बावजूद अगर भू-संपत्ति का कोई मालिक 31 जुलाई से पूर्व स्टांप पेपर खरीद कर निबंधन प्रक्रिया शुरू कर देता है तो अगले चार माह तक उसकी संपत्ति का निबंधन पुराने डीएम सर्किल रेट के आधार पर ही होगा।
एडीएम वित्त व राजस्व ने बताया कि 31 जुलाई से पहले महज स्टांप पेपर खरीदने मात्र से लागू होने वाली नई दरों से छुटकारा नहीं मिलेगा। ऐसे में नई दर के आधार पर निर्धारित राजस्व की वसूली अतिरिक्त स्टांप लगवा कर होगी।
चार माह तक पुरानी दर पर ही रजिस्ट्री कराने का फायदा सिर्फ उन्हें मिलेगा जिन्होंने 31 जुलाई से पहले निबंधन के लिए अपना पंजीयन निबंधन कार्यालय में करा लिया होगा।
दूसरी तरफ तीन दिन बाद लागू होने वाले नई डीएम सर्किल रेट को देखते हुए निबंधन कार्यालय पर सोमवार को पुरानी दरों पर रजिस्ट्री कराने वालों की काफी भीड़ दिखाई दी।
नए डीएम सर्किल रेट का निर्धारण करने में अमीर, गरीब व मध्यम वर्ग समेत सभी के हितों को ध्यान में रखने की पूरी कोशिश की गई है। शासन की संस्तुति के बाद इसे 1 अगस्त से जिले में लागू कर दिया जाएगा।
- संजय कुमार सिंह यादव, एडीएम वित्त व राजस्व