उत्तर प्रदेश के शहरों में रहने वाले बुजुर्गों के लिए राज्य सरकार अलग रेंटल हाउसिंग नीति तैयार करने जा रही है। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को किफायती दर पर किराये के मकान उपलब्ध कराने की व्यवस्था का खाका तैयार होगा। आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने इसके लिए नौ सदस्यीय समिति गठित की है।
समिति की अध्यक्षता आवास विभाग के सचिव करेंगे। लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, वाराणसी और मेरठ विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों समेत अपर आवास आयुक्त और मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक को सदस्य बनाया गया है। निदेशक, आवास बंधु सदस्य-संयोजक होंगे।
ये भी पढ़ें - लखनऊ: पहली बार में लैंड नहीं कर सका राहुल गांधी का विमान, हवा में चक्कर लगाता रहा, दूसरे प्रयास में हुई लैंडिंग
ये भी पढ़ें - यूपी: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 12 हजार और सहायिकाओं को छह हजार मिलेगा मानदेय, सीएम योगी ने किया एलान
समिति की संस्तुति के बाद किराये की दर, मकानों की संख्या, पात्रता की उम्र, आय सीमा और आवंटन प्रक्रिया तय होगी। सरकार का उद्देश्य बुजुर्गों को उनकी जरूरत के अनुरूप सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराना है। देश में बुजुर्ग आबादी बढ़ने के साथ स्वतंत्र और सुरक्षित आवास की जरूरत भी लगातार बढ़ रही है।