कार्रवाई की जद में आया में बलिया का तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपक श्रीवास्तव अब विभाग छोड़ चुका है। उनका भारतीय राजस्व सेवा में (आईआरएस) में चयन हो चुका है। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए विधिक राय लेकर संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा।
बरेली में सबसे ज्यादा 40 संस्थानों के 1600 विद्यार्थी प्रभावित
बरेली में सबसे ज्यादा 40 शिक्षण संस्थानों के 1600 पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिला। इसलिए वहां के बाबू प्रमोद जोशी को सस्पेंड करने का निर्णय लिया गया। बाराबंकी के समाज कल्याण बाबू प्रभात सिंह, हापुड़ के दीपक, झांसी के मनोज वर्मा और प्रयागराज के रामचंद्र यादव को कठोर चेतावनी जारी की गई है।
विपिन कुमार व प्रवीन माहेश्वरी (अलीगढ़), विष्णु चंद्र वर्मा व भूपेंद्र सिंह (औरेया), विकास श्रीवास्तव (अयोध्या), मसीह उल्लाह अंसारी व नवनीत आर्या (बहराइच), विकास पाठक (बलिया), अंकित कुमार (बिजनौर), सारांश श्रीवास्तव (गौतमबुद्धनगर), संजीव शर्मा (गाजियाबाद), जितेंद्र कुमार (कन्नौज), मनोज कुमार व अनूप कुमार (प्रतापगढ़), आशीष पांडे (रायबरेली), सुरेश गौतम व अरुण वर्मा (सीतापुर), उत्तम कुमार (वाराणसी)।
सीएम ने इस मामले में लापरवाही करने वाले राज्य विश्वविद्यालयों, केंद्रीय विवि, संबद्धता देने वाली एजेंसियों और निजी विश्वविद्यालयों के 66 नोडल अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई के लिए सक्षम स्तर से कार्रवाई कराने के भी निर्देश दिए हैं। 14 राज्य विश्वविद्यालयों और 19 निजी विश्वविद्यालयों को कठोर चेतावनी जारी की जा रही है। आयुष विभाग के दो नोडल अधिकारियों पर भी कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा आयुष विवि गोरखपुर, स्टेट मेडिकल फैकल्टी, अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी, राम मनोहर लोहिया संस्थान, एपीजे अब्दुल कलाम टेक्नीकल यूनिवर्सिटी, मदन मोहन मालवीय प्राविधिक विवि के छात्रवृत्ति के नोडल अधिकारियों पर भी कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं। गोरखपुर, आगरा, वाराणसी, अलीगढ़, लखनऊ, चित्रकूट, अयोध्या और सहारनपुर के आईटीआई के संयुक्त निदेशकों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।