योगी सरकार ने सबसे पहले 2017-18 में परिषदीय विद्यार्थियों के लिए जूता-मोजा वितरण शुरू कराया था। बीते तीन वर्षों में जहां अन्य वस्तुओं के दामों में काफी बढ़ोतरी हुई वहीं प्रशासनिक पारदर्शिता के कारण परिषदीय स्कूलों में जूता आपूर्ति की दर लगातार कम हो रही है।
वर्ष -- दर/प्रति जोड़ी -- कुल खर्च
2017-18 -- 135.75 रुपये -- 217.20 करोड़
2018-19 -- 115.54 रुपये -- 184.86 करोड़
2019-20 -- 93.70 रुपये -- 149.92 करोड़
2020-21 -- 87.40 रुपये -- 139.84 करोड़
2019 में शैक्षिक सत्र के शुरुआत जुलाई-अगस्त में ही परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों के जूते फटने के मामले प्रदेश भर से सामने आए थे। इस पर शासन ने फर्मों को दोबारा जूता आपूर्ति के आदेश दिए थे। स्कूल शिक्षा महानिदेशक किरन आनंद ने बताया कि इस बार क्वालिटी खराब होने पर फर्म के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।