मस्कुलर डिस्ट्रॉफी बीमारी से पीड़ित मरीजों को इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है। इस क्षेत्र में तेजी से काम चल रहा है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक द्वारा इसका खाका तैयार किया गया है। मरीजों को क्या सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है डिप्टी सीएम के निर्देश पर इसके लिए एक समिति का गठन किया गया है।
समिति के सुझावों के आधार पर मरीजों को गुणवत्तापरक इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। यह कहना है प्रदेश कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में इस विषय पर आहूत बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए थे।
ये भी पढ़ें - राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी बोले, सरकार ने हस्तक्षेप नहीं किया तो पाकिस्तान की तरह बांग्लादेश में भी साफ हो जाएंगे हिंदू
ये भी पढ़ें - लखनऊ एयरपोर्ट पर कार्गो लगेज में स्कैनिंग के दौरान डिब्बे में मिला नवजात का शव, मचा हड़कंप
स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की बैठक में डिप्टी सीएम ने मस्कुलर डिस्ट्रॉफी बीमारी से पीड़ित मरीजों को उचित इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए थे। निर्देशों के आधार पर प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पार्थसारथी सेन शर्मा द्वारा एक समिति का गठन किया गया है।
समिति की अध्यक्ष चिकित्सा शिक्षा विभाग की सचिव अपर्णा यू, चिकित्सा शिक्षा विभाग की विशेष सचिव कृतिका शर्मा को सचिव, केजीएमयू के कुलपति, आरएमएल के निदेशक, एसजीपीजीआई के निदेशक एवं दिव्यांजन शक्तिकरण विभाग द्वारा नामित अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि मरीजों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।