अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गीडा, लीडा, सीडा, यूपीडा, यूपीसीडा व यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों, वित्तीय निगम, पिकप, स्टेट यार्न कंपनी, सहकारी कताई मिली संघ, स्टेट स्पिनिंग कंपनी व राज्य वस्त्र निगम के प्रबंध निदेशकों, इंस्टीट्यूट ऑफ टूलरूम ट्रेनिंग के महाप्रबंधक तथा मुद्रण व लेखन सामग्री के निदेशक को इस संबंध में कार्यवाही का निर्देश दिया है।
इन अधिकारियों से कहा गया है कि श्रम विभाग के निर्देशों का पालन कराएं। यह सुनिश्चित करें कि नियोक्ताओं द्वारा कार्यरत श्रमिकों का ईपीएफ का अंशदान नियमानुसार जमा कराया जा रहा है। नियोक्ता द्वारा कर्मचारियों के वेतन में काटी गई राशि के साथ स्वयं का अंशदान भी समय से जमा किया जाए। साथ ही कर्मचारियों के पीएफ में जमा धन की समय-समय पर उन्हें जानकारी भी दी जाए और समय से उनके पीएफ के भुगतान की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
सरकारी व अर्धसरकारी विभागों में सेवा प्रदाता एजेंसियों से जुड़ी शिकायतें हैं। बताया गया है कि आउटसोर्सिंग पर काम करने वाले कर्मचारियों के संबंध में सरकारी विभागों द्वारा ईपीएफ अंशदान का भुगतान सेवा प्रदाता को किया जा रहा है। लेकिन सेवा प्रदाता ईपीएफ अंशदान ईपीएफओ के पक्ष में जमा नहीं करा रहे हैं।
शासन ने सेवा प्रदाताओं के मामले में विभागाध्यक्षों, मंडलीय, जिला, तहसील व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को कर्मचारियों का ईपीएफ अंशदान कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में जमा कराना सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।