मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए कि टेस्टिंग क्षमता को 10 हजार टेस्ट प्रतिदिन करने के कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। शीघ्रता से टेस्टिंग परिणाम प्राप्त करने के लिए ट्रूनैट मशीन के प्रोक्योरमेंट को गति दी जाए। इसे सभी जिला चिकित्सालयों, मेडिकल कॉलेजों तथा अन्य चिकित्सा संस्थानों को उपलब्ध कराया जाए। सभी क्वारंटीन सेन्टर में पल्स ऑक्सीमीटर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त संख्या में इन्फ्रारेड थर्मामीटर व्यवस्था की जाए।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग को चिकित्साकर्मियों के मेडिकल इंफेक्शन से बचाव सम्बन्धी प्रशिक्षण को तेजी से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न जिला चिकित्सालयों तथा मेडिकल कॉलेजों में भर्ती मरीजों से प्राप्त फीडबैक के क्रम में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा कोविड तथा नॉन कोविड अस्पतालों से संवाद स्थापित करते हुए कार्यों की जानकारी प्राप्त की जाएगी। मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन के नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित फुट पेट्रोलिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी भीड़ एकत्र न होने पाए। पुलिस द्वारा बॉर्डर क्षेत्रों, हाई-वे तथा एक्सप्रेस-वे पर लगातार पेट्रोलिंग की जाए। कन्टेनमेंट जोन में आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी सुचारू ढंग से सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश की एमएसएमई इकाइयों द्वारा निर्मित पीपीई किट, थ्री लेयर मास्क व अन्य वस्तुओं की खरीद राज्य सरकार के स्तर से की जाए। इससे प्रदेश में निर्मित इन वस्तुओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि मास्क का उपयोग न करने पर जिस व्यक्ति का चालान किया जाए, उसे ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित मास्क उपलब्ध कराया जाए।
यह सुनिश्चित किया जाए कि सीमेन्ट, ईंट, बालू, गिट्टी, मौरंग आदि निर्माण सामग्री उचित और निर्धारित मूल्यों पर जनता को प्राप्त हो। उन्होंने आम के निर्यात के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि टिड्डी दल के प्रकोप के दृष्टिगत पूरी सतर्कता व सावधानी बरती जाए।