मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने मंगलवार को यूपी औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 को मंजूरी दे दी। इस नीति में निवेश के साथ रोजगार को खास तौर से जोड़ा गया है।
औद्योगिक विकास के लिहाज से क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए सरकार ने पूर्वांचल व बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए ज्यादा रियायतों का एलान किया है।
औद्योगिक विकास के लिहाज से क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए सरकार ने पूर्वांचल व बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए ज्यादा रियायतों का एलान किया है।
जिन उद्योगों में महिलाओं की 40 प्रतिशत व एससी-एसटी की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी उन्हें 10 प्रतिशत अतिरिक्त रियायत मिलेगी। इसी तरह रोजगार को बढ़ावा देने के लिए न्यूनतम 200 कुशल व अकुशल श्रमिकों को रोजगार देने वाली इकाइयों को ईपीएफ के नियोक्ता अंश में अतिरिक्त प्रतिपूर्ति की जाएगी।
उद्योगों में महिलाओं, एससी-एसटी व बीपीएल को अधिक अवसर देने वाले निवेशकों को नेट वैट, सीएसटी व जीएसटी के तहत अतिरिक्त छूट दी जाएगी।