केंद्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) में चालू वित्त वर्ष में फरवरी तक पहले के मुकाबले 1251 करोड़ रुपये अधिक मिले हैं। वित्त विभाग ने अधिकाधिक केंद्रांश हासिल करने के लिए खास रणनीति बनाई है। इस बाबत सभी विभागों के लिए जरूरी निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
वर्ष 2022-23 में 28 फरवरी तक सीएसएस में यूपी को 37703 करोड़ रुपये मिल चुके हैं जबकि, वित्त वर्ष 2021-22 में यह राशि 36452 करोड़ रुपये ही थी। केंद्र सरकार की मदद से नगर विकास, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, पीडब्ल्यूडी, समाज कल्याण, पर्यटन और सिंचाई समेत तमाम विभागों में विकासपरक योजनाएं चल रही हैं।
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अपर मुख्य सचिव, वित्त प्रशांत त्रिवेदी ने अगले वित्त वर्ष में भी इन योजनाओं में अधिक से अधिक केंद्रांश हासिल करने के लिए जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अनुसार, केंद्रांश प्राप्त होने की प्रत्याशा में भी वित्त विभाग की सहमति लेकर राशि जारी हो सकेगी, जिसे उस योजना के एसएनए (सिंगल नोडल अकाउंट) में रखा जाएगा। केंद्रांश प्राप्त करने के लिए प्रशासकीय विभाग प्रभावी कार्यवाही करेंगे। इस संबंध में अपने प्रयासों और उपलब्धियों से प्रत्येक माह की अंतिम तिथि को वित्त विभाग को अवगत कराएंगे।