उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपने कार्यकाल में तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक चुनौती का सामना कर रही है। पहली किसानों की कर्जमाफी (लगभग 36 हजार करोड़ रुपये), दूसरी पिछले साल कोरोना से जंग में अर्थव्यवस्था बैठ गई और अब तीसरी कोरोना टीकाकरण के लिए हजारों करोड़ रुपये की व्यवस्था की चुनौती आ गई है। प्रारंभिक तौर पर टीकाकरण में लगभग 32 हजार करोड़ रुपये खर्च का अनुमान लगाया गया है।
योगी सरकार ने वर्ष 2017 में सत्ता संभालने के बाद 36 हजार करोड़ खर्च कर किसानों की कर्जमाफी का वादा निभाया। नतीजतन फील्ड में विकास कार्य ठप पड़ गए। इसके बाद आर्थिक मोर्चे पर कुछ गुंजाइश बनी तो दो वर्ष में एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, स्मार्ट सिटी जैसी योजनाओं व परियोजनाओं की रूपरेखा सामने आई। इन पर काम चल रहा है, लेकिन कार्यकाल के चौथे साल में कोरोना महामारी ने दस्तक दे दी। केंद्र ने लॉकडाउन लगा दिया। नतीजा यह हुआ कि तमाम सारे प्रयास के बावजूद प्रदेश की अर्थव्यवस्था बैठ गई। राजस्व बचत नकारात्मक हो गई और लोगों को नौकरियां खोनी पड़ीं।