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5 साल में तीसरी बड़ी आर्थिक चुनौती: यूपी में कोरोना वैक्सीनेशन में 32 हजार करोड़ खर्च होने का अनुमान

Sun, 25 Apr 2021 11:16 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

पहली किसानों की कर्जमाफी (लगभग 36 हजार करोड़ रुपये), दूसरी पिछले साल कोरोना से जंग में अर्थव्यवस्था बैठ गई और अब तीसरी कोरोना टीकाकरण के लिए हजारों करोड़ रुपये की व्यवस्था की चुनौती आ गई है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपने कार्यकाल में तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक चुनौती का सामना कर रही है। पहली किसानों की कर्जमाफी (लगभग 36 हजार करोड़ रुपये), दूसरी पिछले साल कोरोना से जंग में अर्थव्यवस्था बैठ गई और अब तीसरी कोरोना टीकाकरण के लिए हजारों करोड़ रुपये की व्यवस्था की चुनौती आ गई है। प्रारंभिक तौर पर टीकाकरण में लगभग 32 हजार करोड़ रुपये खर्च का अनुमान लगाया गया है।

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योगी सरकार ने वर्ष 2017 में सत्ता संभालने के बाद 36 हजार करोड़ खर्च कर किसानों की कर्जमाफी का वादा निभाया। नतीजतन फील्ड में विकास कार्य ठप पड़ गए। इसके बाद आर्थिक मोर्चे पर कुछ गुंजाइश बनी तो दो वर्ष में एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, स्मार्ट सिटी जैसी योजनाओं व परियोजनाओं की रूपरेखा सामने आई। इन पर काम चल रहा है, लेकिन कार्यकाल के चौथे साल में कोरोना महामारी ने दस्तक दे दी। केंद्र ने लॉकडाउन लगा दिया। नतीजा यह हुआ कि तमाम सारे प्रयास के बावजूद प्रदेश की अर्थव्यवस्था बैठ गई। राजस्व बचत नकारात्मक हो गई और लोगों को नौकरियां खोनी पड़ीं।

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कोरोना की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रहा यूपी

अब आखिरी साल में सरकार ने अर्थव्यवस्था में बड़े सुधार की उम्मीद की थी। मगर, विशेषज्ञों चेतावनी के बावजूद कोरोना की दूसरी लहर से बचाव के लिए कोई ठोस योजना तैयार नहीं की। नतीजा यह है कि राज्य आज महामारी की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रहा है।

राज्य सरकार ने 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले सभी 13.6 करोड़ लोगों को मुफ्त टीका लगाने का एलान किया है। एसबीआई के एक शोध के मुताबिक इस पर 32,009 करोड़ रुपये खर्च करना होगा। यह प्रदेश में वित्त वर्ष 2020-21 में पूंजीगत योजनाओं पर अनुमानित कुल खर्च रकम का लगभग आधा है।

योगी सरकार के कार्यकाल के आखिरी वर्ष में तमाम विकास योजनाओं व परियोजनाओं पर काम चल रहा है। तमाम योजनाओं का पिछले बजट में एलान किया गया था। जबकि मुफ्त टीकाकरण की कीमत फिर राज्य की अर्थव्यवस्था व विकास योजनाओं को चुकाने की नौबत आ गई है। तमाम योजनाओं व परियोजनाओं पर इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है।
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वास्तविक खर्च व टीकाकरण की रणनीति तैयार कर रही खन्ना समिति

प्रदेश सरकार ने मुफ्त टीकाकरण पर आने वाले बजट खर्च व तैयारियों की रणनीति बनाने के लिए वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है। कमेटी विभिन्न विभागों से जानकारी जुटा रही है।

मसलन 18 वर्ष से अधिक व 45 वर्ष से कम उम्र वाले लोगों की संख्या, वैक्सीन खरीदने पर आने वाले खर्च, वैक्सीन स्टोरेज व कोल्ड चेन मैनेजमेंट के साथ परिवहन व प्रबंधन पर खर्च आदि का आकलन कराया जा रहा है। कमेटी जल्दी ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
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