राज्य सरकार फाइलेरिया को जड़ से खत्म करने के लिए विशेष अभियान चलाएगी। इसके तहत पहले चरण में 14 से 20 दिसंबर को 51 जिलों के लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाई जाएगी।
यह दवा एक साथ दो वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को खिलाई जाएगी। इसका दूसरा चरण जनवरी में चलाया जाएगा। फाइलेरिया रोग में हाथ या पैर बहुत ज्यादा सूज जाते हैं। इसलिए इस रोग को हाथी पांव भी कहते हैं।
यह एक लाइलाज रोग होता है, जो गंदे पानी में पैदा होने वाले क्यूलेक्स (मादा) मच्छर के काटने से होता है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरविंद कुमार ने फाइलेरिया से बचाव के लिए एक साथ सभी जिलों में अभियान चलाने के निर्देश दिये हैं।
इसके तहत दो तरह की दवा लोगों को खिलाई जाएगी। इनमें डायईथायलकार्बाजीन (डीईसी) व एल्वेंडाजोल की गोली शामिल हैं। यह दवा सभी को निशुल्क खिलाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि पांच-छह साल तक लगातार इस डोज को लेने से फाइलेरिया बीमारी से हमेशा के लिए बचा जा सकता है।