मेट्रो निर्माण जल्द शुरू करने के लिए राज्य सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने केंद्र सरकार को पत्र लिख कर जल्द से जल्द लखनऊ मेट्रो की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को सैद्धांतिक सहमति देकर मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) साइन करने का अनुरोध किया है।
इसके लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारियों को लखनऊ आमंत्रित किया गया है।
दावा किया जा रहा है कि बहुत जल्द ही डीपीआर को सैद्धांतिक सहमति मिल जाएगी। एक सप्ताह में इस संबंध में बड़ा फैसला होने की उम्मीद की जा रही है।
मेट्रो सेल के चेयरमैन राजीव अग्रवाल ने बताया कि मुख्य सचिव की ओर से इस आशय का पत्र केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भेजा गया।
अगले एक सप्ताह के भीतर भी एमओयू साइन किया जा सकता है। हमने मेट्रो सेल के ऑफिस की तस्वीरें भी दिल्ली भेजी हैं,ताकि राजधानी में हमारी प्रगति के बारे जानकारी हो सके।
केंद्र 20 फीसदी से अधिक मदद नहीं करेगा
राजीव अग्रवाल ने बताया कि केवल 20 फीसदी की मदद मेट्रो के बजट में केंद्र से मिलेगी। इसके अलावा वित्त मंत्रालय से अनुरोध किया गया है कि मेट्रो में ऋण की मदद के लिए एजेंसी जल्द फाइनल कर दी जाए।
डीपीआर में होंगे कुछ बदलाव
डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में कुछ बदलाव भी किए जाने हैं। इनमें बुजुर्गों और विकलांगों के लिए विशेष इंतजाम, डिजास्टर मैनेजमेंट (आपदा प्रबंधन) की अलग से व्यवस्था, फीडर सर्विसेज और सुरक्षा संबंधित बदलावों को नए सिरे से सुनिश्चित किया जाना है। इन सारे बदलावों को मुख्यमंत्री डीपीआर में नए सिरे से स्वीकृत करेंगे।