20 साल से अधिक समय से जलकल विभाग में कार्यरत 34 कर्मचारी नियमित हो गए हैं। शासन की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।
ये कर्मचारी आवास विकास की इंदिरा नगर और राजाजीपुरम योजनाओं के साथ जलकल विभाग को हैंडओवर किए गए थे। तब से ये जलकल विभाग में ही कार्यरत हैं।
दरअसल, 1992 में आवास विकास की इंदिरा नगर व राजाजीपुरम आवासीय योजना जलकल विभाग को रखरखाव के लिए हैंडओवर की गई थी।
उस समय जो कर्मचारी वहां पर पेयजल व सीवर की व्यवस्था देख रहे थे उन्हें भी जलकल विभाग को हैंडओवर कर दिया। गैंगमैन पद पर कार्यरत ये 34 कर्मचारी नियमित नहीं थे।
2010 में जब 1991 से पहले से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने का आदेश आया तो ये कर्मचारी नियमित नहीं हो सके।
जलकल के कर्मचारी संगठनों ने यह कहकर विरोध जताया कि आवास विकास के ये कर्मचारी जलकल विभाग में 1991 के बाद आए हैं। जबकि जलकल विभाग में आने वाले आवास विकास के कर्मचारी वहां पर 1984, 1985 और 1986 से कार्यरत थे।
उसके बाद भी जलकल विभाग में की गई सेवा को नहीं जोड़ा जा रहा था। जिसके कारण कर्मचारी उस समय नियमित नहीं हो सके। इसको लेकर कर्मचारियों ने शासन से लेकर न्यायालय तक लड़ाई लड़ी। जिसके बाद उनको हक मिल सका।
विशेष सचिव, नगर विकास विभाग श्रीप्रकाश सिंह की ओर तीन अक्तूबर 13 को कर्मचारियों नियमित करने का आदेश जारी कर दिया गया।
निदेशक स्थानीय निकाय को भेजे गए आदेश में कहा गया कि 29 जून 1991 से पूर्व दैनिक वेतन पर कार्यरत गैंगमैन को तत्काल प्रभाव से नियमित करने के लिए 5200-20200 ग्रेड पे रुपये 1800 पर नियुक्ति के लिए 34 अधिसंख्य पदों को सृजित करने की मंजूरी राज्यपाल द्वारा दी गई है।
कर्मचारियों के नियमित होने से आने वाला व्यय भार जलकल विभाग ही वहन करेगा।
ये हुए नियमित
राज नारायण, रामकुमार, मोहम्मद आरिफ, किशोर कुमार, पंचम सिंह, शैलेश कुमार, सत्यवीर सिंह, विश्वनाथ यादव, वेद प्रकाश यादव, मस्तराम, रामपाल, रविकांत, राधेश्याम पांडेय, मोहम्मद फुजैल, विजय सेन मौर्या, रामबली, आशाराम, योगेंद्र कुमार विश्वकर्मा, जगदीश प्रसाद, पन्नालाल, विश्राम, रामाबाबू पांडेय, अमर नाथ सिंह, कैलाश सिंह, रामकुंवर, रामकुमार यादव, अरविंद कुमार, अशोक कुमार मिश्रा, सुनील कुमार श्रीवास्तव, श्याम नाथ, अरुन कुमार श्रीवास्तव, मनोहर, अनिल कुमार द्विवेदी, आनंद कुमार श्रीवास्तव।