प्रदेश में जुलाई में ईंधन अधिभार की गणना नए मानकों के आधार पर होगी। इससे उपभोक्ताओं को सर्वाधिक फायदा मिलने की उम्मीद है। दरअसल, विद्युत नियामक आयोग ने पॉवर कॉर्पोरेशन के ईंधन और बिजली खरीद लागत समायोजन (एफपीपीसीए) पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने पॉवर कॉर्पोरेशन को पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमानुसार लागू करने के निर्देश दिए हैं। बीते 14 माह से जिस आधार पर गणना हो रही थी, उसे नियामक आयोग ने गलत साबित किया है। ऐसे में जुलाई के ईंधन अधिभार की गणना नए तरीके से की जाएगी। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि परिषद के लोक महत्व प्रस्ताव पर सुनवाई करते हुए आयोग ने ईंधन अधिभार की गणना के तरीके को गलत करार दिया है। वर्मा ने कहा, 14 माह से गलत तरीके से गणना होने से उपभोक्ताओं से करीब 2000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली की गई है। अब परिषद ने इस राशि को वापस दिलाने के लिए भी आयोग में लोकमहत्व प्रस्ताव दाखिल किया है।
पाॅवर कॉरपोरेशन ने स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के जून 2026 के बिजली बिल के भुगतान की अंतिम तिथि बढ़ाकर 29 जून कर दी है। ये बिल पोस्टपेड आधार पर तैयार किए गए हैं। बिल की जानकारी उपभोक्ताओं को एसएमएस और मेसेजिंग एप के माध्यम से भेजी गई है। यदि किसी उपभोक्ता को बिल प्राप्त नहीं हुआ है, तो वह अपनी खाता संख्या या कनेक्शन संख्या दर्ज कर संबंधित डिस्कॉम की स्वचालित संवाद प्रणाली से बिल प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा, उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन पर कॉल कर भी अपने बिजली बिल से संबंधित जानकारी हासिल कर सकते हैं।