जवाहर लाल नेहरू अरबन नवीनीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) योजना के
बकाए को लेकर केंद्र और यूपी के बीच चल रहा विवाद समाप्त हो गया है।
केंद्र
बकाया 252 करोड़ रुपये देने पर राजी हो गया है। इसके अलावा जेएनएनयूआरएम
की पांच नई परियोजनाओं के लिए 144 करोड़ और इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट
स्कीम फॉर स्माल एंड मीडियम टाउंस (यूआईडीएसएसएमटी) की पांच नई परियोजनाओं
के लिए 80.61 करोड़ रुपये देने पर भी सहमति बनी है।
केंद्र के शहरी विकास
मंत्रालय ने इस संबंध में राज्य सरकार के अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
यह राशि शीघ्र ही यूपी को दे दी जाएगी।
पढ़ें-
जयराम ने लिखी अखिलेश को ये कैसी चिट्ठी?
केंद्र
ने योजना में राज्यों को शर्तों के आधार पर धनराशि देने को मंजूरी दी है।
इसके तहत बेहतर नागरिक सुविधाएं देने के साथ कुछ जरूरी उपाय भी करने हैं।
उत्तर प्रदेश में शर्तों को पूरी तरह से अमल में नहीं लाया गया था। केंद्र
ने इसके चलते जेएनएनयूआरएम का 10 फीसदी 252 करोड़ रुपये रोक लिया था।
पढ़ें-
'अयोध्या में महाशौचालय' पर बसपा का पलटवार
मौजूदा समय अधिकतर शर्तों को पूरा किया जा चुका है। इसके आधार पर ही केंद्र
ने बकाया राशि देने पर सहमति जता दी है। इसके
अलावा जेएनएनयूआरएम की पांच नई परियोजनाओं सीवरेज और जलापूर्ति के लिए 144
करोड़ रुपये देने पर सहमति जताई है।
पढ़ें-
NRHM: यूपी ने नहीं दिया करोड़ों का हिसाब
इस राशि से नए काम कराए जाएंगे। इसके
अलावा यूआईडीएसएसएमटी के तहत पांच परियोजनाओं जिससे केवल पेयजल योजना का
काम कराने के लिए 80.61 करोड़ रुपये देने पर सहमति जताई गई है।
केंद्र ने
इसके अलावा जेएनएनयूआरएम और यूआईडीएसएसएमटी के तहत पूर्व में स्वीकृत
योजनाओं के प्रगति की जानकारी मांगी है। स्थानीय निकाय निदेशालय ने इस
संबंध में जिलों से शीघ्र ही पूरा विवरण उपलब्ध कराने को कहा है।