जन्म प्रमाणपत्रों के फर्जीवाड़े में शामिल जालसाजों ने बांग्लादेशी, रोहिंग्या व पाकिस्तानी संदिग्ध घुसपैठियों को भारतीय नागरिकता दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जिले के सलोन ब्लॉक के नुरुद्दीनपुर, लहुरेपुर, गढ़ी इस्लामनगर गांव में कागजों पर ही 400 से अधिक परिवार बसा दिए। किसी परिवार के 25 तो किसी में 15 से 11 बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र बनाए गए। जांच में गांवों में संबंधित परिवार नहीं मिले। बुधवार को यहां के 250 से अधिक फर्जी प्रमाणपत्रों को निरस्त किया गया।