बहस के दौरान कोर्ट को बताया गया कि आरोपियों के पास से बरामद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का डाटा परीक्षण कराने व उनकी ओर से किन-किन स्थानों की रेकी की गई है यह भी पता लगाना है। इसके अलावा आरोपियों के बैंक खातों आदि का विश्लेषण कर उनके संबंध में गहन पूछताछ भी की जानी है। कहा गया कि आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर किन-किन स्थानों की रेकी की गई है और उन स्थानों का चिन्हीकरण कर पॉइंट आउट मेमो तैयार किए जाने के संबंध में जानकारी प्राप्त करनी है। इसके अलावा आरोपियों ने किन-किन धार्मिक नेताओं एवं महत्वपूर्ण स्थान की रेकी की है, यह भी पता लगाना है। एटीएस ने आरोपियों को दो अप्रैल को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया था, जहां से आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था।