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UP: उड़ीसा से लखनऊ ला रहे थे 92 लाख का गांजा, गैंग के चार सदस्य पकड़े गए; इंटरनेट कॉल से करते थे संपर्क

Sat, 14 Feb 2026 02:10 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने गोमतीनगर विस्तार में छापा मारकर उड़ीसा से गांजा लाने वाले गिरोह के चार तस्करों को गिरफ्तार किया। 3.70 कुंतल गांजा, ट्रक और स्कार्पियो बरामद हुई। आरोपी मलखानगिरी से गांजा लाकर लखनऊ समेत कई जिलों में सप्लाई करते थे।

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एसटीएफ ने आरोपियों को पकड़ लिया। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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उड़ीसा के मलखानगिरी से गांजा ला कर लखनऊ में उसको सप्लाई करने वाले गैंग के चार तस्करों को यूपी एसटीएफ ने शुक्रवार गोमतीनगर विस्तार इलाके से गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों के पास से 92.50 लाख रुपये कीमत का गांजा बरामद किया है। पकड़े गए तस्करों के खिलाफ गोमतीनगर विस्तार थाने में एसटीएफ ने केस भी दर्ज कराया है। 

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एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह से मिली जानकारी के अनुसार एसटीएफ की टीम को कई दिनों से इस बात की सूचना मिल रही कि मादक पदार्थ तस्करों का एक गैंग उड़ीसा से गांजा लेकर छत्तीसगढ़ होते हुए लखनऊ आता है। 

यह लोग बिना बॉडी वाले ट्रक या ट्रेलर में कैविटी बनाकर उसमें गांजा छुपाकर रखते हैं। इस सूचना पर डिप्टी एसपी की टीम ने काम करना शुरू किया। मुखबिर व सर्विलांस की मदद से गोमतीनगर विस्तार स्थित शालीमार बंधा के पास शुक्रवार रात एसटीएफ की टीम ने एक ट्रक और स्कार्पियो सवार चार लोगों को गिरफ्तार किया। 
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उनके पास से 3.70 कुंतल गांजा, पांच मोबाइल फोन, एक वाईफाई डोंगल और 9300 रुपये बरामद किए। पूछताछ की गई तो पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम मड़ियांव निवासी जीतू श्रीवास्तव, बाराबंकी निवासी मयंक जायसवाल, इंदिरानगर निवासी पारितोष त्रिपाठी और बिहार निवासी ट्रेलर चालक कुलदीप यादव बताया। 
 

इंटरनेट कॉल के माध्यम से संपर्क में रहते हैं सभी 

पूछताछ में आरोपी चालक कुलदीप यादव ने पूछताछ पर बताया कि जीतू श्रीवास्तव के कहने पर उड़ीसा के मलखानगिरी से गांजा लाते है। गांजे को लखनऊ लाने के लिए चालक बिना बॉडी वाले ट्रेलर ट्रक का इस्तेमाल करते है जिसकी चेसिस के ऊपर बने प्लेटफार्म में गुप्त कैविटी बनी है जिसमें आसानी से 5 से 8 कुंतल गांजा छुपाकर लाते है। ट्रेलर में बॉडी न होने से किसी को भी शक नहीं होता है। 

जब गाड़ी में गांजा लोड हो जाता है, तो आरोपी अपना मोबाइल नंबर बंद करके लखनऊ के लिए निकलते है। जीतू ने बताया गया है कि उड़ीसा से निकलने के बाद नंबर का प्रयोग न करके इंटरनेट काल के माध्यम से वह लोग आपस में संपर्क करते हैं। आरोपी तक 15-20 बार उड़ीसा से गांजा मंगवा चुके है।



 
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लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, गोंडा और बहराइच सप्लाई होता है गांजा

जीतू श्रीवास्तव ने पूछताछ करने पर बताया कि वह, मयंक श्रीवास्तव उर्फ सूरज, रमन, पारितोष त्रिपाठी व जसवंत शर्मा उर्फ डोरेमॉन के साथ मिलकर गांजे की तस्करी का काम करता है। यह लोग लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, गोंडा, बहराइच व अन्य जिलों से मांग के अनुसार गांजा मंगवाते है। पेमेंट क्लियर होने के बाद यह निर्धारित तिथि पर ट्रक व ड्राइवर की व्यवस्था कर उन्हें उड़ीसा प्रांत माल लाने भेजा जाता है।

 लखनऊ सीमा में ट्रक के आने पर आरोपी अपनी गाड़ी से ट्रक के आगे-आगे चल कर पहले से चिन्हित किए गए ठिकाने पर लेकर आते हैं और माल उतारकर फिर उसको अन्य जनपदों में सप्लाई किया जाता है। आरोपी जीतू ने बताया कि तस्करी की रकम से उन लोगों ने एक डाला और एक कार भी खरीदी है। एसटीएफ की टीम इस गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में पता लगा रही है और उनकी गिरफ्तारी में जुटी है।
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