उत्तर प्रदेश में नमी भरी पुरवाई हवाओं के कारण कई जिलों में घनी धुंध छा गई। प्रयागराज में दृश्यता घटकर 30 मीटर रह गई। मौसम विभाग के अनुसार 14 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे 15-16 मार्च को तराई और पूर्वांचल में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। बांदा सबसे गर्म रहा।
उत्तर प्रदेश में मंगलवार को सुबह मौसम का मिजाज अचानक बदला सा नजर आया। सुबह के समय राजधानी लखनऊ समेत पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में छाई घनी धुंध की चादर ने लोगों को चौंका दिया। कई जिलों में दृश्यता काफी कम हो गई।
विज्ञापन
प्रयागराज में दृश्यता घटकर 30 मीटर रह गई, जबकि अमेठी में 50 मीटर, मेरठ में 100 मीटर और वाराणसी में 500 मीटर तक सीमित रही। लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, सहारनपुर और मुरादाबाद समेत कई शहरों में भी सुबह धुंध की चादर छाई रही।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार नमी से भरी पूर्वा हवाओं और हवा में धूल कणों के फंसने के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने बताया कि 14 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे 15 और 16 मार्च को तराई और पूर्वांचल में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
विज्ञापन
प्रदेश में बढ़ते तापमान की बात करें तो मंगलवार को बांदा में सर्वाधिक 38.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। वहीं आगरा और झांसी में 37.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। 24.6 डिग्री के साथ वाराणसी में सबसे गर्म रात रही।
मार्च 2008 में भी हुआ प्रदेश में ऐसा धुंध भरा मौसम
अतुल कुमार सिंह ने बताया कि नमी भरी पूर्वा हवाओं की वजह से मार्च 2008 में भी ऐसा मौसम देखने को मिला था। यह सामान्य मौसमी घटना है।