मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार देर रात से प्रदेश में खराब मौसम, तेज हवा और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए सर्वे कराने और संबंधित विभाग को विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का आदेश दिया, ताकि 24 घंटे में प्रभावित किसानों के खाते में क्षतिपूर्ति की धनराशि भेजी जा सके। उन्होंने क्षतिपूर्ति देने में लापरवाही न बरतने की की चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि 9 अप्रैल की आधी रात को अचानक मौसम खराब हो गया था। तेज आंधी, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की से नुकसान के बाद सीएम ने अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। सीएम के निर्देश पर राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने ओलावृष्टि से हुए फसलों के नुकसान की क्षतिपूर्ति का मुआवजा किसानों को देने के लिए प्रदेश के सभी डीएम, एसडीएम और तहसीलदारों को मौके पर जाकर सर्वे करने के निर्देश दिया है। साथ ही जल्द से जल्द विभाग के पोर्टल पर सर्वे रिपोर्ट लगाने के निर्देश दिये हैं। बता दें कि बाढ़, ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से 33 प्रतिशत से अधिक क्षतिग्रस्त फसलों से प्रभावित किसानों को ही मुआवजा दिया जाता है। मुआवजा बीमा कंपनियों के साथ राजस्व विभाग द्वारा भी दिया जाता है। राहत विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए अलर्ट जारी किया है और लोगों से अति आवश्यक कार्य होने पर ही घर से निकलने की अपील की है।
लखीमपुर खीरी में बुधवार शाम को तहसील गोला के ग्राम खजुहा, परगना कुकरा में अचानक भीषण आग से कई बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही लखीमपुर खीरी जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल मौके पर जाकर नुकसान का जायजा लिया अधिकारियों को तत्काल नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट डीएम ऑफिस में देने को कहा। डीएम ने कुछ ही घंटों में प्रभावित किसानों को राहत देते हुए मुआवजे का चेक दे दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंधी–बारिश,ओलावृष्टि के दृष्टिगत संबंधित जिलों के अधिकारियों को पूरी तत्परता से राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर सर्वे करें और राहत कार्य पर नजर रखें। आकाशीय बिजली, आंधी तूफान, बारिश, वज्रपात आदि आपदा से जनहानि और पशुहानि होने की स्थिति में तत्काल प्रभावितों को राहत राशि का वितरण करें। घायलों का समुचित उपचार कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि वर्तमान में गतिमान गेहूं की सरकारी खरीद के दृष्टिगत मंडियों सहित सभी खरीद केंद्रों पर गेहूं के सुरक्षित भंडारण का पूरा ध्यान रखा जाए। अधिकारी सर्वे कराकर फसल नुकसान का आकलन करते हुए आख्या शासन को भेजें, ताकि इस संबंध में आगे की कार्यवाही की जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि जल जमाव की स्थिति होने पर प्राथमिकता पर जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए।