जानें क्या है मामला
लखनऊ की विशेष एम पी / एम एल ए अदालत ने 28 जनवरी को, राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली शिशिर की याचिका को खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ शिशिर हाईकोर्ट पहुंचे थे। एम पी / एम एल ए अदालत ने कहा था कि वह नागरिकता के मुद्दे पर फैसला करने के लिए सक्षम नहीं है। याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और इस मामले में उनके खिलाफ विस्तृत जांच की मांग की है।
याची ने बीएनएस, सरकारी गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत राहुल गांधी पर कई आरोप लगाए हैं। इस मामले की पहले सुनवाई करते हुए, पीठ ने केंद्र सरकार से पूछा था कि राहुल की ब्रिटिश नागरिकता के खिलाफ मिली शिकायत पर उसने क्या कार्रवाई की है। साथ ही केंद्र से मामले संबंधी रिकार्ड भी तलब किए थे।
गंभीर धाराओं में FIR करने की मांग
राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता मामले में दायर याचिका में उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923, पासपोर्ट एक्ट 1967 और फॉरेनर्स एक्ट 1946 के उल्लंघन के मामले बनते हैं। याचिका में कहा गया कि यह सिर्फ नागरिकता का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। याची ने मामले की विस्तृत जांच कर कार्रवाई की मांग की थी।