महमूदाबाद स्थित श्री सांई बाबा पेट्रोल पंप।
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यूपी के सीतापुर में पूर्व मंत्री के पेट्रोल पंप पर सात अप्रैल को एक कार चालक के भुगतान करने से पंप का बैंक अकाउंट फ्रीज हो गया। 15 अप्रैल को जब वही कार चालक दोबारा पेट्रोल पंप पर आया तो कर्मियों ने उससे पूछताछ शुरू कर दी। मौका पाते ही चालक कार छोड़कर भाग गया। एसपी से शिकायत करने के बाद पुलिस ने बृहस्पतिवार को मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
महमूदाबाद कस्बे के मोतीपुर मार्ग पर साईं फिलिंग स्टेशन नाम से पेट्रोल पंप है। सात अप्रैल को एक कार पेट्रोल पंप पर रुकी, चालक ने कार में 566 रुपये की सीएनजी डलवाई। उसने यूपीआई के जरिए पंप के बैंक खाते में भुगतान कर दिया। इसके बाद पंप का अकाउंट फ्रीज हो गया।
पंप पर ही कार छोड़कर भाग गया चालक
जानकारी मिलते ही कर्मचारियों ने जांच करते हुए कार चालक की पहचान कर ली। 15 अप्रैल को फिर से वही कार चालक पंप पर सीएनजी लेने पहुंचा। इस पर पंपकर्मियों ने उससे सात अप्रैल वाली घटना बताई। चालक पंप पर ही कार छोड़कर भाग गया।
पंप पूर्व मंत्री नरेंद्र वर्मा का है, इसलिए उन्होंने एसपी से मिलकर पूरी घटना बताई। इसके बाद मैनेजर रामसागर की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। उनके अनुसार खाते में तीन लाख पैंतालीस हजार रुपये की रकम है। मैनेजर ने खुरवल गांव निवासी एक युवक के रूप में चालक की पहचान भी की है। सीओ वेद प्रकाश ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज है। अन्य कार्रवाई की जा रही है।
लखनऊ के पते पर दर्ज है कार
पुलिस सूत्रों के अनुसार कार का नंबर यूपी 32 आरक्यू 8253 है। यह लखनऊ के काकोरी निवासी किसी निशांत के नाम पर दर्ज है। शिफ्ट कार में पट्रोल के साथ सीएनजी भी पास है। कार का रंग सफेद है। हालांकि सीओ का कहना है कि पुलिस को अभी यह जानकारी नहीं हो पाई है कि कार किसकी है।
साइबर टीम भी कर रही जांच
साइबर एक्सपर्ट अजय की मानें तो ऐसे मामलों में यह संभव है कि जिस खाते से भुगतान किया गया है, उस खाते में किसी ऐसी जगह से रकम आई हो जो कि ठगी की हो। हालांकि अमूमन बिजनेस खातों को फ्रीज नहीं किया जाता है। फिर भी किन परिस्थितियों में खाते को फ्रीज किया गया है। यह तो जांच का विषय है। जहां से खाता बंद किया गया है, वहां से पता लगाकर खाते पर लगा फ्रीज हटवाया भी जा सकता है।