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UP: प्रमोशन कराने के लिए रिश्वत लेने की शिकायत, मंत्री के निर्देश पर एफआईआर दर्ज, बोले- कार्रवाई होगी

Fri, 05 Jul 2024 04:32 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

मामले में विभाग द्वारा संचालित विद्यालय में शिकायतकर्ता और आरोपी प्रवक्ता है। मामले में एफआईआर दर्ज करने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण बालिका विद्यालय रैन, रायबरेली में अर्थशास्त्र की प्रवक्ता शालू कमल ने विभाग के राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) असीम अरुण से मिल कर प्रमोशन के लिए दो प्रवक्ताओं के 1.50 लाख रुपये लेने की शिकायत की है। आरोपी शिक्षिका पूनम वर्मा भी जय प्रकाश नारायण बालिका विद्यालय, लखनऊ में प्रवक्ता है। शिकायत के आधार पर विभागीय मंत्री ने पुलिस आयुक्त, लखनऊ को सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराकर निष्पक्ष विवेचना कराने के लिए पत्र लिखा है। शिकायतकर्ता शिक्षिका शालू ने बाजार खाला पुलिस को प्रार्थना पत्र के साथ कुछ साक्ष्य भी सौंपा है।

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फरवरी में होना था प्रमोशन
पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में शालू ने बताया है कि फरवरी 2024 में उनके साथ कई अन्य शिक्षिकाओं का भी प्रमोशन होना था। फरवरी में ही शिकायतकर्ता शालू की मुलाकात आरोपी शिक्षिका पूनम वर्मा से हुई। शालू का आरोप है कि इस दौरान पूनम ने प्रमोशन करवाने के लिए लखनऊ स्थित आवास पर आ कर मिलने के लिए कहा। 14 फरवरी को लखनऊ में मुलाकात के बाद पूनम को 75 हज़ार रुपये नगद और 25 हज़ार रुपए ऑनलाइन देने की बात प्रार्थना पत्र में लिखी है। पूनम द्वारा वाराणसी में नियुक्त एक अन्य प्रवक्ता रागिनी सिंह से भी 50 हज़ार रुपए लेने का जिक्र शिकायती पत्र में है।

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निदेशालय के कुछ लोगों की संलिप्तता आई सामने
प्रवक्ता शालू ने बताया कि काम नहीं होने पर जब रुपये वापस मांगा तो पूनम ने कहा कि ‘पैसा हमने नागेन्द्र सर की जिम्मेदारी पर लिया था। बहस करोगी तो नौकरी के लाले पड़ जायेंगे'। शालू के अनुसार, रुपए लेते समय पूनम ने कहा था कि ‘निदेशालय के सारे अधिकारी उसका कहना मानते हैं और सारा काम ले-देकर करवा दूंगी।’

समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण का कहना है कि लंबे समय के बाद प्रधानाध्यापकों के प्रमोशन हुए हैं। इसके लिए पूर्ण पारदर्शिता अपनाने की कोशिश की गयी है। जिस भी कर्मचारी ने पैसा लिया है उसके खिलाफ आपराधिक एवं प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी। किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। यदि और किसी के पास ऐसी शिकायत हो तो तत्काल मिलें।

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