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यूपी: सड़क बनाने वाले ठेकेदारों के खिलाफ नहीं हो पाएंगी फर्जी शिकायतें, एप के जरिए टेंडर में आएगी पारदार्शिता

Sun, 17 Sep 2023 07:00 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

सड़कों के ठेकों में पारदर्शिता के लिए प्रहरी एप की व्यवस्था लागू है। इसमें टेंडर डालने वाले सभी ठेकेदार एक-दूसरे के अपलोड किए गए संबंधित दस्तावेज देख सकते हैं।
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इस फैसले से सड़क निर्माण की प्रक्रिया में तेजी आएगी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश में सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर डालने वाले ठेकेदारों ने एक-दूसरे की फर्जी शिकायतें कीं तो वे ब्लैक लिस्ट किए जाएंगे। इसके लिए सरकार जल्द ही नियमों में संशोधन करने जा रही है। इससे सड़कों के निर्माण में अनावश्यक विलंब नहीं होगा।

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सड़कों के ठेकों में पारदर्शिता के लिए प्रहरी एप की व्यवस्था लागू है। इसमें टेंडर डालने वाले सभी ठेकेदार एक-दूसरे के अपलोड किए गए संबंधित दस्तावेज देख सकते हैं। अगर किसी ठेकेदार को लगता है कि उसके प्रतिद्वंद्वी ने अपने बारे में कोई गलत जानकारी दी है, तो वह उसकी शिकायत प्रहरी एप पर जाकर ही कर सकता है।

देखने में आया है कि अवध और पूर्वांचल में ठेकेदार एक-दूसरे की बड़े पैमाने पर शिकायतें कर रहे हैं। यहां तक कि कुछ समय पहले तक अयोध्या में भी तमाम सड़कों के टेंडर इस कारण से फंसे रहे। इस सुविधा का दुरुपयोग रोकने के लिए सरकार शीघ्र ही नियमों में संशोधन का प्रस्ताव ला रही है। इसके तहत शिकायत करने वाला ठेकेदार अपने प्रतिद्वंद्वी पर जो आरोप लगा रहा है, विभाग उनकी जांच कराएगा। अगर जांच में आरोप गलत पाए गए तो शिकायत करने वाले ठेकेदार पर भी कार्रवाई होगी। उसे परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब का दोषी माना जाएगा।
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पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद का कहना है कि सड़कों के निर्माण की रफ्तार बढ़ाने के लिए कुछ संशोधन करने जरूरी हैं, जिन पर हम गंभीरता से विचार कर रहे हैं। इसमें यह भी है कि टेंडर डालते समय नियम-शर्तों को पूरा करने के लिए हर ठेकेदार को एक शपथपत्र देना होगा। जिस दिन निर्माण का काम शुरू होगा, उस दिन मौके पर ये नियम व शर्तें पूरी होनी चाहिए।

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