प्रदेश में करीब 2300 आयुर्वेदिक चिकित्सालय हैं। इन अस्पतालों में हर साल औसतन 2.55 करोड़ मरीजों को उपचार दिया जाता है, लेकिन चिकित्साधिकारियों के करीब 2500 पदों में एक हजार से ज्यादा खाली चल रहे हैं।
प्रदेश के सभी आयुर्वेदिक अस्पतालों को जनवरी तक चिकित्साधिकारी मिल जाएंगे। आयोग की ओर से चयनित 601 चिकित्साधिकारियों को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हर जिले में पांच से 10 चिकित्साधिकारी भेजे जाएंगे। पहले चरण में उन अस्पतालों में चिकित्साधिकारियों की तैनाती की जाएगी, जो संबद्धता के आधार पर चल रहे हैं।
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प्रदेश में करीब 2300 आयुर्वेदिक चिकित्सालय हैं। इन अस्पतालों में हर साल औसतन 2.55 करोड़ मरीजों को उपचार दिया जाता है, लेकिन चिकित्साधिकारियों के करीब 2500 पदों में एक हजार से ज्यादा खाली चल रहे हैं। लोक सेवा आयोग की ओर से कराए गए साक्षात्कार के बाद 601 चिकित्साधिकारियों का चयन किया गया है। अब आयुर्वेद निदेशालय इनकी तैनाती की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए संबद्ध चिकित्साधिकारी के भरोसे चलने वाले अस्पतालों की सूची तैयार की जा रही है।
विभाग की कोशिश है कि पहले चरण में चिकित्साधिकारियों की उन अस्पतालों में जल्द से जल्द तैनाती कर दी जाए, जहां अभी तक नियमित चिकित्साधिकारी नहीं है। दूसरे चरण में उन अस्पतालों में तैनाती होगी, जहां दो पदों के सापेक्ष सिर्फ एक चिकित्सक तैनात हैं। इसके लिए निदेशालय ने सभी क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारियों से वरीयता के क्रम में अस्पतालों का नाम मांगा है। यह भी संभवना है कि इन चिकित्साधिकारियों को जनवरी माह के दूसरे सप्ताह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नियुक्ति पत्र सौंपे।