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यूपी: बारिश होने के बाद भी जारी है बिजली संकट, गांवों में रोस्टर से कम बिजली; केबल जलने की घटनाएं बढ़ी

Thu, 19 Jun 2025 08:15 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Power crisis in UP: यूपी में कल से मौसम बदलने के बाद बिजली की खपत गिर गई है। बावजूद इसके अभी भी प्रदेश में बिजली की कटौती का दौर जारी है। 
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यूपी में बिजली कटौती। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 ऊर्जा मंत्री के निर्देश के बाद भी ग्रामीण इलाके में बिजली कटौती का दौर जारी है। यह स्थिति तब है, जब रिमझिम फुहारों की वजह से बिजली की मांग 31439 मेगावाट से घटकर 28573 मेगावाट पर आ गई है। बारिश और हवा के बीच बिजली की आंख मिचौनी की घटनाएं बढ़ गई हैं। इस वजह से शहरी लोगों की रात की नींद खराब हो रही है। इसी तरह ग्रामीण इलाके में भी ट्रिपिंग का दौर चल रहा है। इससे लघु एवं कुटीर उद्योग प्रभावित हो रहे हैं।

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ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने निर्देश दिया है कि जिस भी इलाके में बिजली कटीतौ बेवजह हुई तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनके आदेश के दूसरे दिन इस चेतावनी का कोई खास असर नहीं दिखा। कई अधिकारियों ने साफ कहा कि बेवजह बिजली कटौती होती ही नहीं है। बुधवार को ग्रामीण इलाके में रोस्टर 18 घंटे की अपेक्षा 18.15 घंटे और तहसील मुख्यालय में 21.30 घंटे के बजाय 21.38 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। अन्य स्थानों पर रोस्टर के अनुसार आपूर्ति की गई, लेकिन तकनीकी कारणों से उपभोक्ताओं को कम बिजली मिलती है। फिलहाल इन दिनों ओवर लोडिंग, तारों के टूटने, फ्यूज उड़ने की घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। ऐसे में जहां उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है वहीं लघु एवं कुटीर उद्योग भी प्रभावित हो रहे हैं। जौनपुर निवासी जमुना प्रसाद ने बताया कि रात 11 बजे के बाद बोल्टेज कम होता है और फिर बार- बार ट्रिपिंग शुरू हो जाती है। ऐसे में रातभर जागने के बाद भी आटा चक्की का काम पूरा नहीं हो पाता है। अंबेडकर नगर के जितेंद्र द्विवेदी ने बताया ग्राणीण इलाके में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर है, लेकिन आठ से 10 घंटे ही मिल पा रही है।

कहीं ट्रांसफार्मर जला तो कहीं तार टूटने से बाधित हुई बिजली आपूर्ति
- जौनपुर के सरायख्वाजा फीडर से जुड़े गांवों में सुबह आठ बजे से 11 बजे तक और फिर दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। जिस वक्त बिजली आपूर्ति हुई, उसमें भी ट्रिपिंग का दौर जारी रहा।
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- बरेली के मीरगंज थाना क्षेत्र के नंदगांव में तीन दिन से ट्रांसफार्मर जला पड़ा है। शिकायत के बाद भी इसे नहीं बदला गया। ऐसे में ग्रामीणों ने बिजली घर के सामने धरना- प्रदर्शन किया।
- फतेहपुर जिले के अमौली विद्युत उपकेंद्र के जारा गांव में सात मई को ट्रांसफार्मर फुंक गया। लेकिन इसे बदला नहीं गया है। ग्रामीण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
- इटावा के बसरेहर के ग्राम रम्पुरा भोपतनगर में आठ दिन से ट्रांसफार्मर जला है। ग्रामीणों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है।

दिन प्रतिदिन घटी बिजली की मांग

15 जून 31439 मेगावाट
16 जून 29773 मेगावाट
17 जून 28901 मेगावाट
18 जून 28573 मेगावाट
19 जून 28062 मेगावाट
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ऊर्जा मंत्री ने माना कि बार- बार लिया जा रहा शटडाउन

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा - फोटो : अमर उजाला
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने माना कि विभिन्न स्थानों पर अनुरक्षण कार्यों को लेकर दिन में कई बार शटडाउन लिया जाता है। बार-बार बिजली काटी जाती है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की वजह से छोटी-छोटी समस्याओं के लिए उपभोक्ताओं को बेवजह कार्यालय भी दौड़ाया जाता है। समय से समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है। इस पर उन्होंने सख्त चेतावनी दी।

फील्ड हास्टल में समीक्षा करते हुए ऊर्जा मंत्री ने सभी निगमों के प्रबंध निदेशकों को निर्देश दिय कि सभी क्षेत्रों में 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किए जाएं। 1912 में आ रही शिकायतों का गंभीरता से शतप्रतिशत समाधान कराया जाए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि विभागीय अफसरों की हर लापरवाही की जानकारी है। कार्यप्रणाली और मानसिकता में सुधार लाएं। चेतावनी दी कि बेवजह बिजली कटौती और उपभोक्ताओं की समस्या का समय पर समाधान नहीं करने वाले कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि भ्रष्टाचार को बढावा देने वालों के चिन्हित किया जाएगा और भ्रष्टाचार में संलिप्त कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को परेशान करने, टोल फ्री नंबर 1912 में आई शिकायतों का समय से समाधान न करने पर भी कार्रवाई होगी। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से लगातार संपर्क में रहने तथा समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्युत कर्मियों और प्रबंधन के प्रदेश की विद्युत व्यवस्था में अमूलचूल सुधार हुआ है, जिसके कारण पूरे देश में अन्य राज्यों महाराष्ट्र और गुजरात से भी काफी ज्यादा विद्युत आपूर्ति करने में सक्षम हुए हैं। लेकिन अभी आगे बढ़ते रहना है।
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