विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि विद्युत नियामक आयोग ने संशोधित एआरआर को विद्युत नियामक आयोग के वेबसाइट पर भी नहीं डाला, जो रेगुलेटरी फ्रेमवर्क का उल्लंघन है। संशोधित आधार पर दाखिल किए गए एआरआर में आयोग ने कई कमियां निकाली है, लेकिन ऊर्जा इतिहास में पहली बार प्रस्ताव सार्वजनिक किए बिना गुपचुप तरीके से स्वीकार किया गया है। वर्मा ने आरोप लगाया कि प्रस्ताव को नियामक आयोग की वेबसाइट पर न डालना आयोग और काॅर्पोरेशन प्रबंधन की मिलीभगत है। फिर भी उपभोक्ता परिषद प्रदेश के उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करेगा।