विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने भी ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन को 1.30 करोड़ रुपये के भुगतान पर सवाल उठाया है। पदाधिकारियों ने कहा कि पॉवर कॉर्पोरेशन प्रबंधन घाटे के नाम पर बिजली निगमों के निजीकरण की दलील दे रहा है और दूसरी ओर निजी संस्था डिस्कॉम एसोसिएशन को करोड़ों रुपये का चंदा दिया जा रहा है। समिति ने सीएम से मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही हितों के टकराव को देखते हुए पॉवर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल को ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन के महासचिव का पद छोड़ने या कॉर्पोरेशन के चेयरमैन का पद छोड़ने की मांग उठाई है। समिति ने पूर्वांचल और दक्षिणांचल निगमों के निजीकरण को मेगा घोटाला बताते हुए निजीकरण का निर्णय तत्काल निरस्त करने की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन के गठन के पीछे देश के बड़े कॉर्पोरेट घरानों का हाथ है।