समाजवादी पार्टी युवाओं पर विशेष रूप से फोकस करेगी। पार्टी के सभी फ्रंटल संगठन लगातार बेरोजगारी व पढ़ाई से जुड़े मुद्दे उठाएंगे। सोशल मीडिया पर चलने वाले अभियान में इन दोनों मुद्दों से जुड़े तथ्य अनिवार्य रूप से रखे जाएंगे। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि युवाओं को साथ रखकर चुनावी वैतरणी को पार करना आसान रहेगा।
प्रदेश में कुल 15.02 करोड़ मतदाता हैं। इनमें से करीब 19 लाख 89 हजार 902 मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। सपा के रणनीतिकारों का मानना है कि चुनाव में युवा मतदाता निर्णायक भूमिका में रहते हैं। पहले की अपेक्षा वे इसलिए अहम हो गए हैं, क्योंकि हर युवा के पास स्मार्टफोन और लैपटॉप हैं। यह वर्ग बेरोजगारी व पढ़ाई के मुद्दे पर सीधे कनेक्ट होता है। इसलिए इन्हें निरंतर जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
इसके लिए पार्टी की ओर से पदाधिकारियों को वर्ष 2012 में शुरू किए गए बेरोजगारी भत्ता, करीब 20 लाख को दिए गए लैपटॉप, आरक्षण का सही तरीके से पालन कराने, भर्तियों की खामियों को दूर करने, विभिन्न विभागों में रिक्त पदों आदि का विवरण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी तरह विदेश में पढ़ाई से लेकर शैक्षिक विकास के लिए किए गए विभिन्न कार्यों को भी प्रचारित करने के लिए कहा गया है।
वहीं, सपा के सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को युवा ज्यादा तवज्जो देते हैं। ऐसे में पार्टी मान रही है कि युवाओं के बीच सपा के कार्यों व भविष्य की नीतियों को बताकर उन्हें अपने पाले में आसानी से किया जा सकता है।
हर फ्रंटल संगठन को जिम्मेदारी
अभी तक युवाओं व बेरोजगारी से जुड़े मुद्दे को समाजवादी युवजन सभा और छात्रसभा उठाता रहा है। मगर इस चुनाव में इन दोनों संगठनों के साथ ही अन्य फ्रंटल संगठनों को भी सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। ये संगठन सपा सरकार के कार्यकाल में हुए कार्यों को जनता को बताएंगे और उन्हें भविष्य की रणनीति के बारे में भी वाकिफ कराएंगे।