उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर आने वालीं फर्जी पोस्ट को जांचने के बाद पुलिस की फैक्ट चेक टीम तत्काल इसका खंडन कर कार्रवाई भी कर रही है। वहीं, एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि सोशल मीडिया पर जिला, रेंज और जोन मुख्यालय से भी मॉनिटरिंग की जा रही है। शिकायत जिस स्तर की है, उसी स्तर की कार्रवाई की जा रही है।
फर्जी वीडियो वायरल करने वालों पर दर्ज हो रहे मुकदमे
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट की बाढ़ आ गई है। पश्चिमी यूपी में रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी के नाम से फर्जी ट्वीट वायरल किया जा रहा है। इस मामले में रालोद ने बागपत में मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। पाकिस्तान के एक वीडियो को गोरखपुर का बताते हुए वायरल किया जा रहा है। इसमें एक लड़की के साथ दुष्कर्म के बाद उस पर तेजाब फेंका गया है। ट्विटर पर इस वीडियो को अपलोड करने वाली सीमा सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
इसी तरह सीमा सिंह पर हमले की झूठी खबरें भी सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही हैं, जिसका पुलिस की ओर से लगातार खंडन किया जा रहा है। अयोध्या का भी एक फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है, जिसमें गोसाईंगंज में भाजपा समर्थकों ने सपा समर्थक की गाड़ियों पर हमला करते हुए दिख रहा है। अयोध्या पुलिस इस घटना की ही खंडन कर रही है।