बूथों के विभाजन के बाद नए मतदेय स्थलों के बनने पर बीएलओ की नियुक्ति समय से करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारी अपने जिलों में मतदाताओं का वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान के काम में तेजी लाएं जिससे एसआईआर के दौरान कोई बाधा न आए।
अग्रिम में भी आवेदन किए जाएंगे स्वीकार
सीईओ ने ड्राफ्ट सूची में शामिल न होने वाले सभी मतदाताओं के दस्तावेज सुरक्षित रखने और इसमें लापरवाही न करने पर जोर दिया। कहा, 1 जनवरी 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए एसआईआर की प्रक्रिया पूरी करें। अर्हता तिथि 1 अप्रैल, 1 जुलाई व 1 अक्तूबर 2026 के लिए भी अग्रिम आवेदन स्वीकार किए जाएं। उन्होंने वृद्ध, बीमार, दिव्यांग, निर्धन और अन्य अशक्त व्यक्तियों को यथासंभव सुविधा देने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती करने को कहा।
रिणवा ने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी पात्र युवाओं का नाम मतदाता सूची में अनिवार्य रूप से शामिल हो। उन्होंने सभी बीएलओ को गणना प्रपत्र, घोषणा पत्र और फॉर्म-6 उपलब्ध कराने को कहा। मतदाता के भरे गणना प्रपत्र की एक प्रति बीएलओ अपने पास रखेंगे और दूसरी प्रति अपने हस्ताक्षर सहित मतदाता को लौटाएंगे। इस दौरान गणना प्रपत्र के अलावा अन्य कोई अभिलेख न लिए जाएं। शहरी मतदाता, अस्थायी प्रवासी गणना प्रपत्र को ऑनलाइन भी भर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी बीएलओ, ईआरओ, एईआरओ को एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े कार्यों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
सीईओ ने पुनरीक्षण कार्य की रोजाना प्रगति की निगरानी करने और तय समय में सभी कार्य पूरे कर रिपोर्ट सीईओ कार्यालय को भेजने को कहा। बता दें, 3 नवंबर तक एसआईआर से संबंधित तैयारी, प्रशिक्षण और गणना प्रपत्रों का मुद्रण होगा। 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का मतदाताओं को वितरण करेंगे। साथ ही प्रपत्रों को भरवाकर वापस लेंगे। 9 दिसंबर को मतदाता सूची के मसौदे का प्रकाशन होगा। दावे और आपत्तियां दाखिल किए जाने की अवधि 9 दिसंबर से 8 जनवरी तक होगी। नोटिस जारी किए जाने, सुनवाई, सत्यापन व दावे और आपत्तियों का निस्तारण एवं गणना प्रपत्रों पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्णय की अवधि 9 दिसंबर से 31 जनवरी तक होगी। 7 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।