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यूपी: चुनाव आयोग ने सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में बूथ विभाजन को दी मंजूरी, 173730 बूथों पर पड़ेंगे वोट

Wed, 04 Nov 2026 10:32 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Election booth in UP: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि बीएलओ यह सुनिश्चित करें कि एक परिवार के सभी सदस्यों के नाम मतदाता सूची के एक ही भाग में दर्ज हों। 
 
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यूपी विधानसभा चुनाव। - फोटो : अमर उजाला।
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भारत निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों के 403 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदेय स्थलों (बूथ) के विभाजन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह विभाजन 1200 मतदाताओं के निर्धारित मानक के आधार पर किया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. नवदीप रिणवा ने बताया कि विभाजन से पूर्व प्रदेश में मतदेय स्थलों की कुल संख्या 1,77,516 थी, जो अब घटकर 1,73,730 रह गई है। इस प्रकार प्रदेश में कुल 3786 मतदेय स्थल कम हुए हैं।
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रिणवा ने बताया कि अर्हता तिथि 1 जनवरी, 2027 के आधार पर संचालित विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसएसआर) के अंतर्गत मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन अब आयोग की ओर से अनुमोदित 1,73,730 मतदेय स्थलों पर किया जाएगा। उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अनुमोदित मतदेय स्थलों पर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की तैनाती सुनिश्चित की जाए। जिन मतदाताओं के मतदेय स्थल परिवर्तित हुए हैं, उन्हें संबंधित बीएलओ के माध्यम से लिखित रूप में इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसकी बीएलओ सुपरवाइजर नियमित निगरानी करें। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) स्वयं इसकी जांच करें।

एक परिवार के सभी सदस्यों के मत एक ही बूथ पर रहेंगे
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि बीएलओ यह सुनिश्चित करें कि एक परिवार के सभी सदस्यों के नाम मतदाता सूची के एक ही भाग में दर्ज हों। ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद यदि किसी मतदाता का नाम उसके परिवार के अन्य सदस्यों से अलग किसी अन्य मतदेय स्थल पर दर्ज पाया जाता है, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फॉर्म-8 के माध्यम से आवश्यक संशोधन कराया जाए। अनुमोदित सभी मतदेय स्थलों की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए। संबंधित क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि प्रत्येक मतदाता को अपने नए या परिवर्तित मतदेय स्थल की जानकारी समय से मिल सके और मतदान के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो।
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