टिकट न मिलने के बाद से बागी हुए भाजपा नेता साकेत मिश्रा का समय के साथ हर दिन तेवर और भी तल्ख होते जा रहे हैं। वह हर दिन पार्टी के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। भाजपा के नेताओं पर संगीन इल्जाम लगाकर सियासी माहौल को लगातार गरमा रहे हैं। टिकट न मिलने के अगले ही दिन अपने घर पर मीडिया बुलाकर मंशा को स्पष्ट करते हुए भाजपा के नेताओं पर आरोप लगाए थे। फेसबुक लाइव भी किया था। वह मामला शांत हुआ नहीं था कि मंगलवार को फिर से आरोप लगाकर सियासी तापमान बढ़ा दिया।
सियासी गुणा-गणित में उलझ रहे समीकरण
साकेत मिश्रा के बागी होने के बाद से सदर सीट पर समीकरण सियासी गुणा-गणित में उलझ गए हैं। सियासी पंडितों की माने तो ब्राम्हण चेहरा होने की वजह से साकेत को बिरादरी का वोट मिलेगा, कितना मिलेगा, यह कह पाना मुमकिन नहीं। वहीं, दूसरी तरफ वकालत इस बात की भी हो रही है कि पार्टी का जो कैडर वोटर है वह तो प्रत्याशी को ही मिलेगा। ऐसे में ब्राह्मण वोटों में बिखराव की आशंका है। किधर ज्यादा झुकाव है और किधर कम, यह तो समय बताएगा।