फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: जनता दर्शन में डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश

Tue, 22 Sep 2026 08:06 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ स्थित कैंप कार्यालय में जनता दर्शन के दौरान प्रदेशभर से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का त्वरित, प्रभावी और स्थायी समाधान करने के निर्देश दिए। भूमि विवाद, पेंशन, आवास, बिजली, पुलिस, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी शिकायतों पर विशेष ध्यान देने को कहा।
विज्ञापन
डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने सुनीं जनसमस्याएं - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को 7-कालिदास मार्ग स्थित अपने कैंप कार्यालय में जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने फरियादियों से संवाद कर उनकी शिकायतों के जल्द, प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

विज्ञापन


जनता दर्शन में भूमि एवं राजस्व विवाद, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, पुलिस कार्रवाई, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और दिव्यांगजन भी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी शिकायत के निस्तारण में लापरवाही या देरी नहीं होनी चाहिए।

 

‘केवल औपचारिक निस्तारण न हो’

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जनता दर्शन आम लोगों से सीधे संवाद का प्रभावी माध्यम है। इससे सरकार को जमीनी स्तर की समस्याओं की जानकारी मिलती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण न किया जाए, बल्कि समस्या का स्थायी और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ित को दोबारा सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने कहा कि जरूरतमंद और पात्र लोगों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए। जनहित सर्वोपरि है और प्रत्येक नागरिक की समस्या का समाधान सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

 

विज्ञापन

भूमि विवाद में संयुक्त टीम भेजने के निर्देश

उप मुख्यमंत्री ने भूमि और राजस्व से जुड़े मामलों में जिलाधिकारियों को राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध कब्जे और उत्पीड़न से जुड़े मामलों में गंभीरता से कार्रवाई करने को कहा। आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए।

महिलाओं, दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की शिकायतों को प्राथमिकता से सुनते हुए उन्होंने अधिकारियों को इनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। मौर्य ने कहा कि जनता दर्शन में अपनी समस्या लेकर आने वाला कोई भी पीड़ित निराश होकर वापस न लौटे, इसके लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करना होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें