कमिश्नर के पास अपील में जाने के बाद लंबित
अब ईडी प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत इन भवनों को जब्त करने की कवायद में जुटा है। इसके लिए पूर्व में दर्ज केस में नई एफआईआर को भी शामिल किया गया है। इस प्रकरण में मुरादाबाद के डीएम ने भी सरकारी धनराशि से बने भवनों को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। बाद में यह मामला मुरादाबाद के कमिश्नर के पास अपील में जाने के बाद लंबित है।
आयकर की जांच में भी खुलासा
इससे पहले आयकर विभाग ने भी अपनी जांच में विश्वविद्यालय के भवनों के निर्माण में सरकारी विभागों का बजट इस्तेमाल किए जाने का खुलासा किया था। दरअसल जौहर ट्रस्ट ने विश्वविद्यालय के भवनों के निर्माण में करीब 45 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया था, जबकि आयकर विभाग द्वारा मूल्यांकन कराने पर इनकी कीमत करीब 494 करोड़ रुपये पाई गई थी। इस प्रकरण में आयकर विभाग ट्रस्ट से 500 करोड़ रुपये से अधिक टैक्स की रकम वसूल सकता है।