प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रदेश में सक्रिय नशीले कफ सिरप के सिंडीकेट के खिलाफ मंगलवार को मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया। ईडी, लखनऊ के जोनल कार्यालय द्वारा इसकी जांच की जाएगी। केस दर्ज करने के बाद ईडी ने मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के वाराणसी स्थित आवास पर समन चस्पा कर दिया। दुबई फरार हो चुके शुभम से ईडी ने उसकी फर्मों और संपत्तियों से जुड़ी तमाम जानकारियों के साथ 8 दिसंबर को तलब होने को कहा है।
सूत्रों की मानें तो अगले दो दिन के अंदर इस मामले के अन्य आरोपियों अमित सिंह टाटा, आलोक सिंह, भोला जायसवाल, गौरव, वरुण, विकास, आसिफ, वासिफ, विकास सिंह नरवे समेत 30 से ज्यादा आरोपियों को समन भेजा जाएगा। वहीं जेल में बंद आरोपियों से अदालत से अनुमति लेकर पूछताछ की जाएगी। ईडी ने गाजियाबाद, सोनभद्र, वाराणसी, जौनपुर, लखनऊ आदि जिलों में दर्ज 30 से ज्यादा एफआईआर के आधार पर मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया है और मध्य प्रदेश तथा झारखंड में दर्ज केस के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। वहीं इससे पहले ईडी ने लखनऊ में बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और वाराणसी में शुभम जायसवाल के ठिकानों पर रेकी भी की थी। जांच के दौरान शुभम जायसवाल द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली फॉर्च्यूनर गाड़ी यूपी 32 एफए 1111 के बारे में भी जानकारियां जुटाई गई हैं।
बीते 10 साल की कमाई, फर्मों का मांगा ब्योरा
ईडी ने शुभम जायवाल से बीते 10 वर्षों का आयकर विवरण और खरीदी और बेची गईं संपत्तियों का ब्योरा मांगा है। इसी तरह बैंक खातों, कंपनियों, फर्मों, पार्टनरशिप फर्मों, उनके निदेशक, प्रमोटर, गारंटर, स्टेकहोल्डर के नाम भी बताने को कहा है। इसमें बंद की जा चुकी कंपनियां और फर्में भी शामिल हैं। ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर प्रवीन कुमार की ओर से भेजे गए समन में शुभम के पेश नहीं होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।