Elections in UP:सपा द्वारा दिए गए ज्ञापन में प्रदेश की विधान परिषद की स्नातक व शिक्षक क्षेत्र की 11 सीटों पर 23 अक्तूबर को होने वाले मतदान के लिए संबंधित क्षेत्रों में सार्वजनिक या स्थानीय अवकाश घोषित करने की मांग उठाई गई है।
सपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन में चुनाव आयोग से राजनीतिक दलों की तत्काल बैठक बुलाकर मतदाता सूची के विशेष अभियान के निर्देशों को साझा करने और 23 अक्तूबर को होने वाले विधान परिषद चुनाव के दिन स्थानीय अवकाश घोषित करने की मांग भी की गई है।
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सपा प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के दबाव में आयोग ने प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष अभियान 5 अक्तूबर से एक माह के लिए शुरू किया गया है। पार्टी का कहना है कि पूर्व में 166 दिनों तक चले अभियान के बाद 10 अप्रैल 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित हो चुकी थी। अब फिर से प्रति बीएलओ 20 से 25 नए मतदाता बनाने का लक्ष्य दिया गया है। यानी प्रदेश में 50 लाख वोट बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है, जो पूरी तरह अनुचित है।
ज्ञापन में प्रदेश की विधान परिषद की स्नातक व शिक्षक क्षेत्र की 11 सीटों पर 23 अक्तूबर को होने वाले मतदान के लिए संबंधित क्षेत्रों में सार्वजनिक या स्थानीय अवकाश घोषित करने की मांग उठाई गई है। ताकि, मतदाता बिना किसी असुविधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। साथ ही बरेली-मुरादाबाद खंड निर्वाचन क्षेत्र में किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न हटाने और अगर किसी का नाम अपात्र मानकर हटाया जाता है तो संबंधित अधिकारी, कर्मचारी व शिक्षक का नाम व अपात्रता का स्पष्ट कारण अभिलेख में दर्ज कर सार्वजनिक करने की मांग की गई है।मुख्य निर्वाचन अधिकारी को यह ज्ञापन सपा के प्रदेश सचिव केके श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चंद्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह ने सौंपा।