बैठक में मौजूद सीएम योगी व डॉ. अरविंद पनगढ़िया।
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16वें वित्त आयोग की टीम के साथ बुधवार हुई बैठक में राज्य सरकार ने केंद्रीय करों में हिस्सेदारी 41 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी करने की मांग की है। साथ ही विशेष विकास योजनाओं के लिए विशेष फंड बढ़ाने व अन्य मांगों के लिए राज्य सरकार ने आयोग को मांगपत्र भी सौंपा है।
आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने कहा कि 28 में से 22 राज्यों ने केंद्रीय करों में हिस्सेदारी 50 फीसदी करने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन 9 फीसदी वृद्धि की मांग बहुत ज्यादा है। इस पर अंतिम निर्णय बाद में लिया जाएगा। बैठक में राज्य सरकार ने प्रदेश के विकास और सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों का ब्योरा दिया जिसकी आयोग ने सराहना की।
लोकभवन में आयोग की 13 सदस्यीय टीम के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ ने बैठक कर राज्य की जरूरतों और मांगों का ब्योरा विस्तार से पेश किया। वर्तमान में राज्यों को केंद्रीय करों में 41 फीसदी हिस्सेदारी मिलती है जबकि 59 फीसदी केंद्र रखता है। अब राज्यों ने केंद्रीय करों में बराबरी का दावा कर दिया है। पनगढ़िया ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि आयोग इस प्रस्ताव को अपनी अंतिम सिफारिशों में शामिल करेगा या नहीं। हालांकि, उन्होंने कहा कि पिछले वित्त आयोगों की सिफारिशों को आम तौर पर केंद्र सरकार ने बिना किसी बदलाव के स्वीकार किया है।