लखनऊ में यौन शोषण और धर्मांतरण मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस के सूत्र बताते हैं कि डॉ. रमीज मलिक से निकाह का दावा करने वाली महिला डॉक्टर बयान से पलट गई है। आइए जानते हैं अब उसने पुलिस से क्या कहा है?
लखनऊ में यौन शोषण और धर्मांतरण की कोशिश के आरोपी केजीएमयू के रेजीडेंट डॉक्टर रमीज मलिक को गिरफ्तार करने उत्तराखंड गई चौक पुलिस खाली हाथ लौट आई है। आरोपी ने सारे मोबाइल फोन बंद कर लिए हैं, जिससे उसकी सही लोकेशन नहीं मिल पा रही है। उसे पकड़ने के लिए अब पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं।
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पुलिस के सूत्र बताते हैं कि रमीज की आखिरी लोकेशन खटीमा में मिली थी। यहां उसका घर है। चौक पुलिस वहां पहुंची, लेकिन आरोपी हाथ नहीं लगा। टीम ने रमीज के माता-पिता और घरवालों से पूछताछ की, पर अहम सुराग नहीं मिला।
इसके बाद टीम लौट आई। पुलिस एक बार फिर सर्विलांस की मदद से रमीज की लोकेशन का पता लगाने की कोशिश में है। डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़िता का मजिस्ट्रेट के सामने बयान होना बाकी है। कोर्ट के बंद होने से 164 का बयान नहीं हो पाया है।
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खुद को डॉक्टर की पत्नी बताने वाली युवती बयान से पलटी!
पुलिस के सूत्र बताते हैं कि डॉ. रमीज मलिक से निकाह का दावा करने वाली महिला डॉक्टर बयान से पलट गई है। पुलिस को बताया कि डॉ. रमीज से उसका निकाह नहीं हुआ था। वह उसकी दोस्त थी।
इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय ने बताया कि महिला डॉक्टर का बयान दर्ज कराने के लिए दो दिन पहले पुलिस टीम नोएडा भेजी गई थी। उसने रमीज से निकाह की बात से इन्कार कर दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि महिला डॉक्टर को नोटिस देकर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जाएगा।
महिला आयोग को भेजी गई रिपोर्ट
उधर, केजीएमयू में रेजिडेंट महिला डॉक्टर के धर्मांतरण के प्रयास मामले में जांच रिपोर्ट महिला आयोग भेज दी गई है। इसके साथ ही विवि प्रशासन ने आरोपी रेजिडेंट की मदद करने वालों की पहचान के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई है।
केजीएमयू में पैथोलॉजी विभाग की महिला रेजिडेंट डॉक्टर के पिता ने विभाग के ही एक पुरुष रेजिडेंट पर उनकी बेटी का धर्मांतरण कराने के प्रयास का आरोप लगाया था। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री के साथ ही राज्य महिला आयोग को भेजी गई थी। इससे पहले रेजिडेंट ने 17 दिसंबर को नशीली गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास भी किया था।
इस मामले में चौक कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। राज्य महिला आयोग ने इस मामले में केजीएमयू से जवाब मांगा था। केजीएमयू प्रशासन ने मीडिया से मिली सूचना के आधार पर मामला विशाखा समिति के सामने रखा। समिति ने आरोप सही पाते हुए आरोपी पुरुष रेजिडेंट डॉक्टर को निलंबित कर दिया। अब इसकी रिपोर्ट राज्य महिला आयोग के पास भेज दी गई है।
एक नजर में मामला
केजीएमयू की रेजीडेंट डॉक्टर ने कुछ दिन पहले डॉ. रमीज मलिक पर यौन शोषण करने और धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का आरोप लगाया था। पीड़िता का कहना था कि अगस्त में रमीज ने शादी का झांसा देते हुए उसका यौन शोषण किया। सितंबर में उसे पता चला कि वह गर्भवती है। रमीज ने दवा देकर गर्भपात करा दिया।
पीड़िता का कहना है कि उसे बाद में पता चला कि रमीज शादीशुदा है। उसने हिंदू लड़की का धर्म परिवर्तन कराकर निकाह किया था। इस बारे में रमीज से बात की तो उसने उस पर भी धर्म परिवर्तन करने का दबाव डाला और ब्लैकमेल किया। परेशान होकर पीड़िता ने 17 दिसंबर को खुदकुशी की कोशिश की थी।