मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी का सातवां स्थापना दिवस ऐसे समय में मनाया जा रहा है जब अयोध्या में 500 साल बाद भगवान राम अपने घर में विराजमान हो चुके हैं। प्रदेश के सामने अब पहचान का संकट नहीं है।
उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस समारोह 24 से 26 जनवरी तक पूरे प्रदेश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। बुधवार को लखनऊ में समारोह का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का केंद्रबिंदु बन रहा है। प्रदेश दुनिया में विशेष स्थान बना रहा है। 1937 से 1950 तक उत्तर प्रदेश को संयुक्त प्रांत के नाम से जाना जाता था। 24 जनवरी 1950 को उत्तर प्रदेश के रूप में नोटिफिकेशन जारी हुआ। इसके बाद भी प्रदेश को प्रश्नवाचक के रूप में देखा जाता रहा। सीएम योगी ने बुधवार को अवध शिल्पग्राम से सातवें उत्तर प्रदेश दिवस का शुभारम्भ किया। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2023-24 का वितरण और ओडीओपी उत्पादों की ई-मार्केटिंग के लिए 'ओडीओपी मार्ट पोर्टल' की लॉन्चिंग भी की।
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इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सातवें स्थापना दिवस की बधाई दी और कहा कि नोएडा में पिछले वर्ष आयोजित हुए इंटरनेशनल ट्रेड शो के माध्यम से दुनिया ने उत्तर प्रदेश के पोटेंशियल को देखा। उस ट्रेड शो में 500 से अधिक विदेशी बायर्स आए थे। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के तीसरे स्थापना दिवस पर हमारी सरकार ने अप्रेंटिसशिप की नई स्कीम लागू की थी, जिससे लाखों युवा जुड़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, वेतन देने के लाले थे। पूरे प्रदेश में अव्यवस्था का तांडव था। प्रदेश के सामने पहचान का संकट था। यहां का युवा अपनी पहचान छुपाने के लिए मजबूर होता था। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद जब डबल इंजन की सरकार ने काम करना प्रारंभ किया तो प्रदेश में सुरक्षा का एक बेहतर वातावरण बना। आज परिणाम हमारे सामने है। आज उत्तर प्रदेश के नौजवानों, उद्यमियों और व्यापारियों को देश के अंदर अपनी पहचान छुपाने की आवश्यकता नहीं पड़ती है बल्कि गर्व से खुद को उत्तर प्रदेश का बताते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है। इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के मामले में भी प्रदेश की स्थिति बेहतर हुई है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को धरातल पर उतरने का एक सशक्त माध्यम बना है। वर्ष 2018 में आज ही के दिन हमारी सरकार ने एक जिला एक उत्पाद योजना का शुभारंभ किया था, जो आज उत्तर प्रदेश को एक नई पहचान दिला रहा है। इस कार्यक्रम को शुरु करने का परिणाम है कि पहले की सरकारों में यूपी का निर्यात जहां 86 हजार करोड़ रुपए का था। वहीं आज उत्तर प्रदेश 2 लाख करोड़ रुपए का ओडीओपी निर्यात कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई यूनिट क्रियाशील हैं, जिन्होंने कोरोना कालखंड में दूसरे प्रदेश से वापस आए उत्तर प्रदेश के 40 लाख लोगों को रोजगार दिया। हमारी सरकार प्रदेश की एमएसएमई यूनिट को किसी दुर्घटना या आपदा पर पांच लाख रुपए का सुरक्षा बीमा कवर उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने कहा कि पहले पर्व और त्योहारों के दौरान चीन के समान हमारे बाजारों में भरे रहते थे। आज लोग ओडीओपी उत्पाद गिफ्ट में दे रहे हैं, जो हमारे प्रदेश के उद्यमियों एवं हस्तशिल्पियों द्वारा बनाया हुआ होता है। उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत उत्तर प्रदेश से होकर बहती है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश का सातवां स्थापना दिवस हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि सप्तपुरियों में से एक अयोध्यापुरी में प्रभु राम 500 वर्षों के लंबे वनवास को तोड़ते हुए स्वयं अपने धाम में विराजमान हुए हैं। इसलिए उत्तर प्रदेश की स्थापना दिवस का यह कार्यक्रम हमारे लिए काफी महत्तवपूर्ण हो जाता है।
कार्यक्रम में सीएम योगी ने लखनऊ की रहने वाली वैज्ञानिक डॉ. ऋतु करीधल श्रीवास्तव और कानुपर के नवीन तिवारी को उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान सम्मानित किया। डॉ. ऋतु ने भारत के मार्स से ऑर्बिटर मिशन और चंद्रायन के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह इस मिशन की उप संचालन निदेशक भी थीं। डॉ. ऋतु 1997 से इसरो के लिए काम कर रही हैं। वहीं नवीन तिवारी ने दुनिया में सबसे बड़ा स्वतंत्र मोबाइल एडटेक प्लेटफॉर्म स्थापित किया है, जो उत्तर प्रदेश और भारत के स्थानीय व्यवसायों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय दर्शकों से जोड़ता है। उनका लॉक स्क्रीन सॉफ़्टवेयर वैश्विक स्तर पर 40 करोड़ से अधिक स्मार्टफोन पर मौजूद है। उद्यमी नवीन ने भारत को विश्व मंच पर स्थापित करने के साथ ही 26 देशों में उपस्थिति दर्ज की है। साथ 3000 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार दिया जबकि हजारों लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार दिया है।
प्रदर्शनी का शुभांरभ और विभिन्न पुरस्कारों का किया वितरण
अपने संबोधन से पहले सीएम योगी ने दीप प्रज्वलित कर उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर शिल्प मेला एवं विभिन्न विभागों की विकास योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी लगाए उद्यमियों से बातचीत की और उनका हाल जाना। साथ ही उन्होंने राज्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम पुरस्कार, विशिष्ट हस्तशिल्प प्रादेशिक पुरस्कार, संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार, उत्तर प्रदेश संस्कृति उत्सव के विजेता और पर्यटन पुरस्कार के तहत कई लोगों को पुरस्कृत किया। इसके अलावा सीएम योगी ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान के अंतर्गत टूलकिट और ओडीओपी टूलकिट का भी वितरण किया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल के साथ अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
पीएम मोदी बोले, विकसित भारत की संकल्प यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाएगा यूपी
यूपी दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अध्यात्म, ज्ञान और शिक्षा की तपोभूमि उत्तर प्रदेश के अपने सभी परिवारजनों को राज्य के स्थापना दिवस की अनेकानेक शुभकामनाएं। बीते सात वर्षों में प्रदेश ने प्रगति की एक नई गाथा लिखी है, जिसमें राज्य सरकार के साथ जनता-जनार्दन ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी की है। मुझे विश्वास है कि विकसित भारत की संकल्प यात्रा में उत्तर प्रदेश अग्रणी भूमिका निभाएगा।