विभाग ने बोनस भुगतान के लिए नगद और बचत का एक मिलाजुला फॉर्मूला तय किया है। 75 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों के भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते में जमा किया जाएगा। 25 फीसदी हिस्सा तत्काल नकद भुगतान किया जाएगा।
जो कर्मचारी भविष्य निधि के सदस्य नहीं हैं, उन्हें यह राशि नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी) या पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) के रूप में दी जाएगी। जो कर्मचारी 31 मार्च, 2026 के बाद सेवानिवृत्त हो चुके हैं या 30 अप्रैल, 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उन्हें बोनस की पूरी 100% धनराशि नकद दी जाएगी।
शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी कर्मचारी को वर्ष 2025-2026 में किसी विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही या आपराधिक मुकदमे में दंड दिया गया है, तो उसे बोनस नहीं मिलेगा। वहीं, जिनके खिलाफ जांच या मुकदमा लंबित है, उनका बोनस परिणाम आने तक स्थगित रहेगा। दोषमुक्त होने पर उन्हें रुके हुए सभी वर्षों का बोनस दे दिया जाएगा।