कहासुनी से जुड़े वायरल वीडियो का स्क्रीन शॉट।
- फोटो : कहासुनी से जुड़े वायरल वीडियो का स्क्रीन शॉट।
बीएलओ सुभद्रा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका मोबाइल छीना था। इसकी शिकायत उन्होंने एसडीएम अमेठी से की थी। शाम को एसडीएम का फोन आया कि थाने जाकर मोबाइल ले लो। मैं और मेरे पति थाने गए, तब मोबाइल मिला। सुभद्रा ने बताया कि उनको गांव की दूसरी बीएलओ ने फोन करके कहा था कि हरिजन टोला में मीटिंग है। उनके कहने पर वह मीटिंग में आई थी।
इसी प्रकरण में सपा के जिलाध्यक्ष राम उदित यादव की अगुवाई में सपाइयों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर जांच की मांग की। आरोप लगाया कि अलग-अलग बूथों पर भाजपा जिलाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी दबाव बनाकर अल्पसंख्यक, एससी-एसटी व पिछड़ों के नाम मतदाता सूची से कटवा रहे हैं। बीएलओ सुभद्रा पर भी इसीलिए दबाव बनाया गया। उनके मनमुताबिक काम न होने पर बीएलओ को अपमानित किया गया। घटना का वीडियो बनाने पर उनके पति को मारापीटा गया। सरकारी काम में बाधा डाली गई।
उधर, कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह त्रिसुंडी, राजीव सिंह और युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शुभम सिंह ने बीएलओ सुभद्रा मौर्या और उनके परिजनों से बातचीत कर पूरी घटना की जानकारी ली। कांग्रेस नेताओं ने मामले को उच्च स्तर तक उठाने और पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के नेता हीरालाल यादव ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। लोकतंत्र में कर्मचारियों की गरिमा और सुरक्षा सर्वोपरि है।
इस प्रकरण की जांच डीएम संजय चौहान ने सहायक निर्वाचन अधिकारी आशीष सिंह को दी है, जो एसडीएम अमेठी हैं। वह और संग्रामपुर एसओ संजय सिंह बुधवार को देर रात तक ठेंगहा गांव में डटे रहे। इस बीच सुभद्रा के पति राकेश मौर्य ने एसडीएस और थाना प्रभारी की बात सांसद किशोरीलाल शर्मा से कराई। राकेश के मुताबिक, सांसद ने निष्पक्ष जांच करने की बात कही। राकेश कांग्रेस में जिला सचिव हैँ।
डीएम संजय चौहान ने बताया कि रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ये जांच सहायक निर्वाचन अधिकारी आशीष सिंह कर रहे हैं।