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यूपी: भाजपा जिलाध्यक्ष और बीएलओ विवाद पर गरमाई प्रदेश की सियासत, बीएलओ का आरोप- मेरा मोबाइल छीना गया

Fri, 06 Feb 2026 08:42 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

BJP leader-BLO dispute: अमेठी जिले में भाजपा जिलाध्यक्ष और बीएलओ के बीच हुए विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को भाजपा नेता अपना पक्ष रखेंगे।
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यूपी में बीएलओ और भाजपा नेता के बीच विवाद। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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अमेठी जिले संग्रामपुर के ठेंगहा गांव में बुधवार को भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशू शुक्ल और बीएलओ के बीच विवाद का मामला तूल पकड़ रहा है। बृहस्पतिवार को सपा के प्रतिनिधि मंडल ने डीएम संजय चौहान को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई का आग्रह किया। इस मामले में कांग्रेसी नेता भी खासे मुखर हैं। उधर, बीजेपी जिलाध्यक्ष का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं। भाजपा की बैठक में बीएलओ को किसने बुलाया, ये बात बृहस्पतिवार देर शाम तक स्पष्ट नहीं हो सकी।

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ठेंगहा के हरिजन टोला में बुधवार को भाजपा की ओर से एसआईआर को लेकर बैठक बुलाई गई थी। इसमें गांव की तीनों बीएलओ को भी बुलाया गया था। बीएलओ सुभद्रा कुमारी पति राकेश कुमार मौर्य के साथ देर से पहुंची थी, तब तक मीटिंग समाप्त हो गई थी। इस पर राकेश ने वहां मौजूद लोगों से कहा कि भाजपा पदाधिकारी कैसे बीएलओ की बैठक बुला सकते हैं।

राकेश का आरोप है कि जब वह मोहल्ले के लोगों से बात कर रहे थे, तभी कुछ भाजपा कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और विवाद करने लगे। राकेश का आरोप है कि भाजपाइयों ने उनकी पत्नी से अभद्रता की। राकेश को बिना वजह पीटा गया और वीडियो बना रही सुभद्रा से मोबाइल छीन लिया गया। ये सब भाजपा जिलाध्यक्ष की शह पर हुआ। राकेश का यही कहना है कि भाजपा की मीटिंग में बीएलओ को बुलाने का क्या औचित्य है।
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वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि एसआईआर को लेकर हरिजन टोला में उनकी बैठक थी। उन्होंने बीएलओ को नहीं बुलाया था। उन पर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वो झूठे हैं। वह शुक्रवार को प्रेस वार्ता करके अपना पक्ष रखेंगे।

थाने से मिला मोबाइल

कहासुनी से जुड़े वायरल वीडियो का स्क्रीन शॉट। - फोटो : कहासुनी से जुड़े वायरल वीडियो का स्क्रीन शॉट।
बीएलओ सुभद्रा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका मोबाइल छीना था। इसकी शिकायत उन्होंने एसडीएम अमेठी से की थी। शाम को एसडीएम का फोन आया कि थाने जाकर मोबाइल ले लो। मैं और मेरे पति थाने गए, तब मोबाइल मिला। सुभद्रा ने बताया कि उनको गांव की दूसरी बीएलओ ने फोन करके कहा था कि हरिजन टोला में मीटिंग है। उनके कहने पर वह मीटिंग में आई थी।

डीएम से मिले सपा पदाधिकारी

इसी प्रकरण में सपा के जिलाध्यक्ष राम उदित यादव की अगुवाई में सपाइयों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर जांच की मांग की। आरोप लगाया कि अलग-अलग बूथों पर भाजपा जिलाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी दबाव बनाकर अल्पसंख्यक, एससी-एसटी व पिछड़ों के नाम मतदाता सूची से कटवा रहे हैं। बीएलओ सुभद्रा पर भी इसीलिए दबाव बनाया गया। उनके मनमुताबिक काम न होने पर बीएलओ को अपमानित किया गया। घटना का वीडियो बनाने पर उनके पति को मारापीटा गया। सरकारी काम में बाधा डाली गई।

कांग्रेसियों ने की मुलाकात

उधर, कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह त्रिसुंडी, राजीव सिंह और युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शुभम सिंह ने बीएलओ सुभद्रा मौर्या और उनके परिजनों से बातचीत कर पूरी घटना की जानकारी ली। कांग्रेस नेताओं ने मामले को उच्च स्तर तक उठाने और पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के नेता हीरालाल यादव ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। लोकतंत्र में कर्मचारियों की गरिमा और सुरक्षा सर्वोपरि है।

देर रात तक डटे रहे एसडीएम

इस प्रकरण की जांच डीएम संजय चौहान ने सहायक निर्वाचन अधिकारी आशीष सिंह को दी है, जो एसडीएम अमेठी हैं। वह और संग्रामपुर एसओ संजय सिंह बुधवार को देर रात तक ठेंगहा गांव में डटे रहे। इस बीच सुभद्रा के पति राकेश मौर्य ने एसडीएस और थाना प्रभारी की बात सांसद किशोरीलाल शर्मा से कराई। राकेश के मुताबिक, सांसद ने निष्पक्ष जांच करने की बात कही। राकेश कांग्रेस में जिला सचिव हैँ।



 
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जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई

डीएम संजय चौहान ने बताया कि रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ये जांच सहायक निर्वाचन अधिकारी आशीष सिंह कर रहे हैं।
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