पूर्वांचल बना खरीद अभियान का इंजन
गेहूं खरीद में पूर्वांचल के जिलों ने शानदार प्रदर्शन किया है। देवरिया ने 55.82% खरीद के साथ प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर प्रशासनिक सक्रियता और किसानों की भागीदारी का मजबूत उदाहरण पेश किया है। इसके अलावा बस्ती, प्रतापगढ़, बलरामपुर और संतकबीरनगर जैसे जिले भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। बेहतर प्रबंधन और पारदर्शी व्यवस्था ने किसानों का भरोसा मजबूत किया है।
बेमौसम बारिश के बाद किसानों के हित में बड़ा फैसला
इस बार बेमौसम वर्षा के कारण गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई, दाने सिकुड़े और चमक कम हो गई। ऐसे में किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए केंद्र सरकार ने राहत दी है। अब 70% तक चमकविहीन और 20% तक सिकुड़ा/टूटा गेहूं बिना कटौती के खरीदने की अनुमति दी गई है, जिससे किसानों को नुकसान से बचाया जा सके।
डिजिटल व्यवस्था से आसान हुई प्रक्रिया
पंजीकरण से लेकर भुगतान तक पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है। किसान आसानी से पंजीकरण कर रहे हैं और उन्हें सीधे खातों में भुगतान मिल रहा है। साथ ही निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अधिक से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिल सके।