फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: जब बंदी भागे, उस दौरान 16 घंटे बंद रहा सीसीटीवी कैमरा, डीजीआई की जांच में खुलासा

Fri, 06 Feb 2026 08:21 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

डीआईजी की जांच में सामने आया है कि मुख्य वाल वाला कैमरा रात भर बंद रहा और सुबह फिर चालू हो गया। जांच में गंभीर लापरवाही सामने आई है। वहीं, इसे साजिश के तहत भी बंद करने की बात कही जा  रही है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अयोध्या जेल से बंदियों के भागने के मामले में डीआईजी जेल की जांच में बड़ा खुलासा हुआ। जिस रात बंदी भागे थे उस दौरान रात भर मुख्य वाल का कैमरा करीब 16 घंटे बंद रहा था। दूसरे दिन सुबह ये कैमरा चालू हुआ था। अगर ये कैमरा चल रहा होता तो बंदी उसमें कैद हुए होते। अंदेशा है कि बंदियों ने इस कैमरे को साजिश के तहत बंद किया था, क्योंकि उनको पता था कि वह भागते वक्त इस कैमरे में कैद हो सकते हैं। हैरानी ये है कि जिम्मेदारों को इसकी भनक तक नहीं लगी।

विज्ञापन


28 जनवरी की रात अयोध्या जेल से दो बंदी भाग निकले थे। दोनों बंदी विशेष सुरक्षा बैरक में थे। दीवार को तोड़कर बैरक से बाहर निकले थे और फिर पेड़ के सहारे दीवार फांदकर निकल गए थे। मामले में जेल अधीक्षक समेत 14 कर्मी निलंबित किए जा चुके हैं। प्रकरण की विस्तृत जांच डीआईजी जेल अयोध्या रेंज शैलेंद्र कुमार मैत्रेय कर रहे हैं। जांच में पता चला कि जिस तरफ से बंदी भागे उधर मुख्य वाल पर एक कैमरा लगा है। जब फुटेज देखने की बात आई तो पता चला कि ये कैमरा 28 जनवरी की शाम 6:30 बजे बंद हो गया था।

ये भी पढ़ें - यूपी सिपाही भर्ती: कुछ ऐसा होगा परीक्षा प्रारूप, दो घंटे में हल करने होंगे 150 सवाल; जानिए जनरल-ओबीसी का कटऑफ
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी: संपत्ति का ब्योरा न देने पर रोका गया 47816 कर्मचारियों का वेतन, कर्मचारी परिषद ने जताई फैसले पर आपत्ति
विज्ञापन


दूसरे दिन सुबह 10:30 बजे ये कैमरा शुरू हुआ। मतलब 16 घंटे तक किसी ने सुधि नहीं ली। इसलिए ये अब तक स्पष्ट नहीं हो सका कि बंदी कितने बजे भागे। डीआईजी की जांच में जेल अधीक्षक समेत निलंबित किए गए 14 कर्मी दोषी पाए गए हैं।

कागजों पर सब ठीक: डीआईजी की जांच में पता चला कि जेल में लगे 52 कैमरों में से चार बंद थे लेकिन कागजों पर सब चलते मिले। अगर निगरानी करने वाला सक्रिय होता तो उसको पहले ही पता चल जाता कि कहां के कौन कौन से कैमरे बंद है। खासकर मुख्य वाल वाला कैमरा जो केवल रात भर बंद रहा और फिर चालू हो गया।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें