चुनाव आयोग के निर्देश पर बड़ी संख्या में हुए पुलिस कर्मियों के स्थानांतरण के बाद भी उन्हें कार्यमुक्त न करने पर डीजीपी मुकुल गोयल ने नाराजगी जताई है। उन्होंने जिलों के अफसरों को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द स्थानांतरित हो चुके पुलिस कर्मियों को कार्यमुक्त कर रिपोर्ट भेजें।
दरअसल, चुनाव आयोग ने ऐसे पुलिस कर्मियों को संबंधित जिलों से स्थानांतरित करने के आदेश दिए थे जिनकी लगातार तीन साल किसी जिले में तैनाती रही है। इसके बाद निरीक्षक और उप निरीक्षकों के तबादले के लिए एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार की अध्यक्षता में समिति बनाई गई थी। अपर पुलिस अधीक्षकों और पुलिस उपाधीक्षकों के तबादले के लिए महानिदेशक अभिसूचना देवेंद्र सिंह चौहान की अध्यक्षता में समिति बनी थी।
इन समितियों की सिफारिश पर बड़ी संख्या में पुलिस अफसरों व कर्मियों के तबादले किए गए थे। लेकिन कई जिले हैं जहां तबादला आदेश का पालन ही नहीं किया गया। अब डीजीपी मुख्यालय ने जोनवार रिपोर्ट मांगी है कि उनके कार्य क्षेत्र से स्थानांतरित कितने निरीक्षक व उप निरीक्षक कार्यमुक्त हुए हैं और कितनों ने दूसरे जिलों से आकर कार्यभार ग्रहण किया है।
सूत्रों का कहना है कि कई जिले वीवीआईपी कार्यक्रमों की वजह से पुलिस कर्मियों को कार्यमुक्त नहीं कर रहे हैं। कुछ जिलों के अधिकारियों का कहना है कि उनके जिले में जिन पुलिस कर्मियों का स्थानांतरण हुआ है, उनके स्थान पर आने वाले जब तक आ नहीं जाते तब तक कार्यमुक्त न करने का अनुरोध किया है। सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग के निर्देश के बाद हो रहे उक्त स्थानांतरण का पालन अगर एक सप्ताह में नहीं किया जाता है तो संबंधित जिलों के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।