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UP: 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी, चातुर्मास का होगा शुभारंभ; अब चार माह तक नहीं होंगे मांगलिक कार्य

Thu, 23 Jul 2026 06:03 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

देवशयनी एकादशी 25 जुलाई को मनाई जाएगी, इसी दिन से चातुर्मास शुरू होगा। मान्यता है कि भगवान विष्णु चार माह योगनिद्रा में रहते हैं और इस दौरान मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। शुभ योग में विष्णु पूजन, मंत्र जाप, तुलसी पूजा और पीले वस्त्र व अन्न का दान विशेष फलदायी माना गया है।
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देवशयनी एकादशी 2026 - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी इस वर्ष 25 जुलाई को मनाई जाएगी। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीहरि विष्णु चार माह के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसके साथ ही चातुर्मास का आरंभ हो जाता है। 

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इस अवधि में विवाह समेत अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते, जबकि पूजा-पाठ, जप, तप और दान का विशेष महत्व माना जाता है। एकादशी तिथि 24 जुलाई सुबह 9:12 बजे से शुरू होकर 25 जुलाई सुबह 11:34 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर व्रत 25 जुलाई को रखा जाएगा, जबकि पारण 26 जुलाई की सुबह किया जाएगा।

 

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चार माह तक शिव संभालते हैं सृष्टि का कार्य

ज्योतिषाचार्य एसएस. नागपाल के अनुसार, धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु के योगनिद्रा में रहने के दौरान सृष्टि का संचालन भगवान शिव करते हैं। इसी अवधि में सावन का पवित्र महीना भी आता है। एक अन्य मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु इस समय राजा बलि के द्वार पर निवास करते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी पर पुनः जागृत होते हैं।

 

शुभ योग में होगा व्रत और पूजन

इस वर्ष देवशयनी एकादशी पर ब्रह्म योग के बाद इंद्र योग, पुष्य नक्षत्र तथा सूर्य और उच्च के गुरु का शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इन योगों में किए गए पूजा-पाठ, जप और दान का विशेष फल मिलता है।

 

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पूजन और दान का विशेष महत्व

भगवान विष्णु का पंचामृत, केसर मिश्रित दूध या गंगाजल से अभिषेक कर उन्हें पीले वस्त्र, पीले पुष्प और फल अर्पित करना शुभ माना गया है। शाम को तुलसी के पौधे के सामने घी का दीपक जलाकर ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप और 11 परिक्रमा करने की भी मान्यता है। इसके अलावा विष्णु सहस्रनाम का पाठ व चना दाल, हल्दी, केला, पीतल और पीले वस्त्र का दान करने से सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और आर्थिक बाधाओं से मुक्ति मिलने की मान्यता है।
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