उपायुक्त कर प्रशांत सिंह
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लखनऊ में निजी क्लीनिक चलाने वाले उनके सगे भाई अभिजीत सिंह ने उनकी नियुक्ति को फर्जी बताया। आरोप लगाया कि उन्होंने फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के जरिये नौकरी हथियाई है, जिसकी जांच चल रही है। इस खुलासे के बाद उनकी खूब किरकिरी हुई। हालांकि, इसके बाद वह मीडिया के समक्ष नहीं आए न ही किसी तरह की बयानबाजी की। बुधवार को भी वह दफ्तर में नहीं देखे गए, लेकिन कार्यालय में दिन भर उनके नाम और प्रकरण की चर्चा रही।
अपर आयुक्त ग्रेड-1 संतोष कुमार ने बताया कि उपायुक्त कर प्रशांत सिंह अवकाश पर हैं। उनका इस्तीफा मिला है, जिसे लेकर कागजी कार्रवाई की जा रही है।